औरों को बचाने का चक्कर, मेनका ख़ुद चक्कर में

  • 12 जुलाई 2016
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सोशल मीडिया पर औरतों से बदतमीज़ी और छेड़छाड़ रोकने की कोशिश में महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ख़ुद ही ट्रोल्स का शिकार हो गई हैं.

मेनका गांधी ने पिछले हफ़्ते #IamTrolledHelp के साथ महिलाओं से अपील की थीा कि वो उन्हें ट्वीट और ईमेल के ज़रिए सोशल मीडिया पर बदतमीज़ी और छेड़छाड़ की शिकायतें भेजें.

लेकिन उनकी इस पहल पर उन्हीं को ट्रोल किया जाने लगा और पिछले पांच दिनों में उनकी नीति की आलोचना के ट्वीट्स की झड़ी लग गई है.

ये तब किया गया जब उन्होंने एक ट्वीट में सफ़ाई देते हुए लिखा कि, “इंटरनेट पर लिखने की आज़ादी पर रोकटोक नहीं होगी, मंत्रालय तभी कार्रवाई करेगा जब बदतमीज़ी, प्रताड़ना या घृणित काम की शिकायत आएगी.”

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@secular786 ने लिखा, “क़ुरान और बाइबल कहती हैं कि औरतें मर्दों से कम हैं, गुनहगार हैं और उनका बलात्कार किया जा सकता है, कृप्या कार्रवाई करें.”

कई लोगों ने लिखा कि इस मुहिम से भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों को ही निशाना बनाया जाएगा और पूछा कि क्या मेनका गांधी ने इसे शुरु करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी की राय ली थी?

@mahesh10816 ने अपने ट्वीट में चेताया कि वो दक्षिणपंथी राष्ट्रवादियों को चुप करने की कोशिश ना करें और क्या वो जानती हैं कि सोशल मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के लिए घंटों काम किया जा रहा है?

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कुछ ट्वीट्स ने इस पहल की तारीफ़ की लेकिन कई में नीति के ग़लत इस्तेमाल से जुड़ी शंकाएं ही नज़र आईं.

@aloKCN ने लिखा, “ट्विटर पर आपातकाल, संजय गांधी को याद करने का अच्छा तरीक़ा है.”

@ramdev_sangar ने अपने ट्वीट में लिखा, “ये ग़लत है, ताक़तवर लोग कुछ भी कर लें बच जाते हैं, आप आम आदमी से अभिव्यक्ति की आज़ादी छीनना चाहती हैं.”

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कई लोगों को इस बात से आपत्ति थी कि ये सिर्फ़ महिलाओं के लिए है और पुरुषों के लिए नहीं, वहीं कई मान रहे थे कि आईटी ऐक्ट में प्रावधान होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रताड़ना के लिए एक नई नीति की ज़रूरत नहीं है.

@manishsingh0812 ने पूछा कि इन अपराधों की व्याख़्या महिला और बाल विकास मंत्रालय करेगा या सुप्रीम कोर्ट? और लिखा, “कभी-कभार सच्चाई भी परेशान कर सकती है, ऐसे में सरकार क्या करेगी?”

इस बीच मेनका गांधी ट्विटर इंडिया की टीम से मिलीं और एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुहिम को बहुत सफलता मिल रही है, और उन्हें कई महिलाओं ने संपर्क किया है.

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