'आने की ज़रूरत नहीं, भारत क्यों आएं ज़ाकिर'

  • 13 जुलाई 2016
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विवादास्पद इस्लामी उपदेशक ज़ाकिर नाइक के भारत न आने पर उनके वकील ने कहा है कि इसकी फिलहाल कोई ज़रूरत ही नहीं है.

उनके वकील मुबीन सोल्कर ने बीबीसी से कहा, "उन्हें किसी सुरक्षा एजेंसी ने कोई समन नहीं भेजा है, उनसे किसी कोर्ट में पेश होने को नहीं कहा गया है, न उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है, न कोई लिखित प्रश्नावली दी गई है, तो फिर उनको यहां भारत आने की ज़रूरत नहीं है."

सोल्कर ने कहा, "ज़ाकिर नाइक एक एनआरआई हैं और वो साल का ज्यादातर हिस्सा विदेश में ही बिताते हैं."

ढाका में पिछले दिनों हुए चरमपंथी हमले के बाद भारतीय जांच एजेंसियां ज़ाकिर नाइक के भाषणों की जांच कर रही हैं.

ये जांच उन रिपोर्टों के बाद शुरू हुई है कि ढाका के कुछ हमलावर ज़ाकिर से प्रभावित थे.

हालांकि मुबीन सोल्कर ज़ाकिर नाइक पर लग रहे नफ़रत भरे भाषण देने के आरोपों को ख़ारिज करते हैं.

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Image caption ढाका के कैफे में हुए हमले में 28 लोग मारे गए, जिनमें ज़्यादातर विदेशी थे.

उनका कहना है, "जितनी भी प्रेस रिपोर्टं सामने आई हैं उनमें डॉ ज़ाकिर के भाषणों को संदर्भ से अलग कर पेश किया गया था, आंशिक रूप से पेश किया जा रहा था, जिससे लग रहा था कि ये भड़काने वाले भाषण हैं. पूरे संदर्भ में अगर उनके भाषणों को देखा जाए, तो किसी भी भाषण से ऐसा नहीं लगेगा कि वो आतंकवाद को बढ़ावा देता है. या फिर डॉ ज़ाकिर आतंकवाद को प्रेरित करते हैं."

मुबीन के मुताबिक़ जांच एजेंसी इंटरनेट और ज़ाकिर के यूट्यूब चैनल पर मौजूद भाषण की जांच कर रही है, इसलिए व्यक्तिगत रूप से उनकी मौजूदगी की कोई ज़रूरत नहीं है.

वो कहते हैं, "इसीलिए वो नहीं आ रहे हैं. वरना ऐसा कोई कारण नहीं है कि वो भारत न आएं. वो अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक चल रहे हैं."

मुबिन ने कहा कि ज़ाकिर ने अपनी तरफ़ से कुछ स्पष्टीकरण दिया है, कई वीडियो जारी किए हैं, लेकिन कुछ टीवी चैनलों ने 'अपने शब्द उनके मुंह में डालने चाहे जिसके बाद उन्होंने उनसे बात न करने का फैसला किया'.

ज़ाकिर के वकील ने पुष्टि की कि प्रेस कांफ्रेस के लिए मुंबई में कई होटलों ने उनकी बुकिंग रद्द कर दी और उन्हें नई जगह की तलाश है.

हालांकि उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि इस प्रेस कांफ्रेस में ज़ाकिर नाइक ख़ुद पत्रकारों को संबोधित करेंगे या नहीं.

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