अमित शाह साथ होते तो जेल क्यों जाता: हार्दिक पटेल

  • 15 जुलाई 2016
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गुजरात में पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मुहिम चलाने वाले हार्दिक पटेल ने इस बात से इनकार किया है कि उनके आंदोलन के पीछे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हैं.

नौ महीने तक जेल में रहने के बाद शुक्रवार को हार्दिक पटेल को सूरत जेल से रिहा कर दिया गया. पिछले हफ्ते हाई कोर्ट ने उन्हें राजद्रोह के दो मुक़दमे में ये कहते हुए ज़मानत दी थी कि वो छह महीने तक गुजरात के बाहर रहेंगे.

गुजरात में पिछले डेढ़ साल से पटेलों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है.

अकसर ये अटकलें लगाई जाती रही हैं कि इस आंदोलन के पीछे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हैं क्योंकि राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और उनके बीच 'शीतयुद्ध' चल रहा है.

जब हार्दिक पटेल से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "अगर पाटीदार आंदोलन को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यश अमित शाह का सहयोग मिल होता तो मुझे इतने दिनों तक जेल में नहीं रहना पड़ता."

हार्दिक ने बाताया, "गुजरात में हमारा समर्थन कर रहे आम आदमी पार्टी को सहयोग देने के बारे में अभी कुछ तय नहीं हुआ है, क्योंकि जब मैं जेल में था तब आम आदमी पार्टी नेता गुजरात आए थे, लेकिन इस आंदोलन का किसी सरकारी पक्ष को हम लाभ लेने नहीं देंगे."

हार्दिक पटेल की रिहाई के पहले बड़ी तादाद में लोग सूरत जेल के बहार जमा हो गए थे. इसके साथ उन्होंने रोड शो भी किया था.

लेकिन सूरत पुलिस ने इसकी इजाज़त नहीं दी तो समर्थक उनका स्वागत करने के लिए सड़क पर उतर आए.

शुक्रवार को ही सूरत में गुजरात के मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल का एक सरकारी कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया था, उस कार्यक्रम के होर्डिग भी लगाए गए थे.

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रोड शो की इजाज़त न मिलने से गुस्साए लोगों ने मुख्यमंत्री की तस्वीरों पर कालिख पोत दी. हालांकि इसके बावजूद उनका रोड शो हुआ.

हाई कोर्ट के आदेश अनुसार, हार्दिक को 48 घंटे में गुजरात छोड़ना है और छह महीने गुजरात के बाहर रहना है.

बताया जाता है कि इस दौरान हार्दिक राजस्थान के उदयपुर में रहने वाले हैं.

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