कश्मीर हिंसा में 1500 सुरक्षाबल घायल हुए

  • 15 जुलाई 2016
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कश्मीर में हाल में हुई हिंसा में 3100 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ जम्मू-कश्मीर सरकार के अनुसार घायल होनेवालों में से आधे यानी कम से कम 1500 सुरक्षाबल के लोग है.

सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अधिकतर घायलों के इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है.

244 लोग अभी भी अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं जहां उनका इलाज जारी है.

केंद्र सरकार ने विशेषज्ञ चिकितस्कों की एक टीम वहां भेजी हैं जो आंखों की गंभीर चोट से जूझ रहे लोगों का उपचार कर रहे डॉक्टरों को सहयोग करेंगे.

अलगाववादी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक ने कहा, "वो हमें रोकते रहेंगे और हम आगे बढ़ते रहेंगे."

उधर राज्य के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने पाकिस्तान पर कश्मीर में परेशानी पैदा करने का आरोप लगाया और ज़ोर देकर कहा कि जो लोगों के बीच विद्रोह को भड़का रहें उनसे सख्ती से निपटा जाएगा.

उधर बीते हफ्ते के शुरूआत में फिर से चालू की गई दक्षिणी कश्मीर की वार्षिक अमरनाथ यात्रा पर शुक्रवार को रोक लगा दी गई हैं.

कश्मीर को भारत से जोड़ने वाले 200 मील के एकमात्र हिमालयी हाईवे के बीच में भेड़, पोल्ट्री और अन्य खाद्य सामग्री ले जा रहे कम से कम पांच सौ ट्रक फंसे पड़े हैं. नाम न छापने की शर्त पर एक अधकारी ने बताया कि हमें डर था की जुमे की नमाज के बाद बवाल हो सकता है. हम नहीं चाहते थे कि ट्रकों को नुकसान पहुंचाया जाए.

इधर भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर के घाटी क्षेत्र के सभी ज़िलों में कर्फ़्यू लगा हुआ है.

राज्य सरकार ने ये क़दम जुमे की नमाज को देखते हुए उठाया है. जुमे के दिन नमाज के बाद अक्सर पत्थरबाज़ी होती है.

हालांकि कल यानी गुरूवार को घाटी में शांति रही और किसी नई हिंसक घटना की ख़बर नहीं आई है.

हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद हुई हिंसा में अब तक तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है.

एक स्थानीय व्यक्ति का कहना था कि अगर किसी तरह की कोई गड़बड़ी होती है तो वो जुमे की नमाज़ के आसपास ही होगी.

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पिछले एक हफ्ते में घाटी में हुई हिंसा में सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं ख़ासतौर पर युवा जिन्हें आंखों में गंभीर चोटे आई हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मसले पर विशेष बैठक की थी जिसके बाद चिकित्सकों की एक टीम श्रीनगर भेजी गई है.

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