अमर सिंह के 'विरोधी' सपा कार्यकारिणी से बाहर

  • 17 जुलाई 2016
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समाजवादी पार्टी की नई घोषित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अमर सिंह को भरपूर तवज्जो दी गई है.

पार्टी में अमर सिंह की वापसी का कथित तौर पर विरोध करने वाले सपा के क़द्दावर नेता रामगोपाल यादव के कुछ चहेतों को कार्यकारिणी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.

45 सदस्यीय नई कार्यकारिणी में अमर सिंह और कांग्रेस से सपा में आए बेनी प्रसाद वर्मा के साथ ही बिल्डर संजय सेठ को जगह मिली है. संजय सेठ को सांसद चंद्रपाल सिंह यादव की जगह पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है.

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अमर सिंह, बेनी प्रसाद वर्मा और संजय सेठ को पार्टी ने हाल ही में राज्यसभा का भी सदस्य बनाया था.

नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अध्यक्ष के अलावा एक उपाध्यक्ष, छह महासचिव, पांच सचिव, एक कोषाध्यक्ष और 31 सदस्य बनाए गए हैं.

मुलायम सिंह यादव फिर से अध्यक्ष बनाए गए हैं जबकि पश्चिम बंगाल के किरण्मय नंदा एकमात्र उपाध्यक्ष बनाए गए हैं.

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जानकारों का कहना है कि समाजवादी पार्टी में अमर सिंह की वापसी के बाद से ही सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के परिवार में आंतरिक कलह लगातार बढ़ती जा रही है.

अमर सिंह की वापसी से पहले रामगोपाल यादव की संगठन और सरकार में ख़ूब चलती थी, पर उनके तमाम विरोध के बावजूद अमर सिंह को न सिर्फ़ पार्टी में वापस लाया गया बल्कि लगातार उनका महत्व बढ़ाया जा रहा है.

जानकार इसे पार्टी में रामगोपाल यादव के कम होते क़द के रूप में देख रहे हैं.

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जानकार बता रहे हैं कि ख़ुद अखिलेश यादव की भी पार्टी और सरकार में उतनी नहीं चल रही है. इसका ताज़ा उदाहरण यह है कि अखिलेश यादव के न चाहते हुए भी दीपक सिंघल को मुख्य सचिव बनाया गया.

दीपक सिंघल के ऊपर कई आरोप लगे थे और भ्रष्ट अफ़सरों में उनका नाम भी शामिल किया गया था, बावजूद इसके तमाम अधिकारियों की वरिष्ठता दरकिनार करके अखिलेश यादव को उन्हें मुख्य सचिव बनाना पड़ा.

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