उत्तराखंड: गंगोत्री में पानी बढ़ा, नदियों में उफ़ान

  • 17 जुलाई 2016
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उत्तराखंड में पिछले चौबीस घंटों से चल रही बारिश की वजह से नदियां उफ़ान पर हैं और गंगोत्री धाम में पानी बढ़ गया है.

शनिवार को भारी बारिश से गोमुख से गंगोत्री के रास्ते 155 कांवड़िए फँस गए थे.

इन्हें स्थानीय प्रशासन ने एनडीआरएफ़ की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है.

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उत्तरकाशी के ज़िलाधिकारी दीपेंद्र सिंह चौधरी ने बीबीसी को बताया कि इस बार 10 हज़ार से 14 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर उम्मीद से ज़्यादा बारिश होने से भागीरथी नदी में पानी बढ़ गया है.

इस बार गंगोत्री में नदी का रुख़ कुछ बदला है और यह मंदिर की ओर घूम गई है, लेकिन दीपेंद्र सिंह का कहना है कि इससे मंदिर को किसी तरह का ख़तरा नहीं है.

दीपेंद्र सिंह ने बताया, "मंदिर के घाट की कुछ सबसे निचली सीढ़ियां डूब गई हैं, पर मंदिर इससे बहुत ऊपर है और वहां तक पानी पहुँचने की अभी कोई गुंजाइश नहीं है.

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उन्होंने कहा कि शनिवार को गोमुख से जल लेने गए 155 कांवड़िये देवगाड़ का अस्थायी पुल बहने से फँस गए थे, लेकिन जंगलात विभाग, एनडीआरएफ़, पुलिस और रेवेन्यू ने मिलकर अभियान चलाया और सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया.

इसके साथ ही प्रशासन ने किसी भी तीर्थयात्री या कांवड़िये को फिलहाल गंगोत्री से ऊपर जाने पर रोक लगा दी है.

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इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत रविवार दोपहर राज्य के आपदा प्रबंधन नियंत्रण केंद्र पहुँचे.

मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि हरीश रावत खुद सभी ज़िलों में बारिश से नुक़सान, राहत-बचाव की तैयारियों का जायज़ा ले रहे हैं और निर्देश दे रहे हैं.

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