बारिश और बाढ़ से उत्तराखंड में 7 की मौत

  • 18 जुलाई 2016
इलाहाबाद में गंगा का पानी बढ़ने के बाद अपना सामान हटाते लोग. इमेज कॉपीरइट Reuters

देश के अधिकांश इलाक़ों में मानसून सक्रिय हो गया है. इस वजह से कई राज्यों में मूसलधार बारिश हो रही है.

इस बारिश के चलते उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और कई अन्य राज्यों की कई नदियां उफ़ान पर हैं. कई जगह बाढ़ का ख़तरा भी पैदा हो गया है.

बीते तीन दिनों में बारिश और बाढ़ के चलते उत्तराखंड में नौ और असम में एक शख़्स की मौत हो गई.

उत्तराखंड के स्थानीय पत्रकार राजेश डोबरियाल के मुताबिक पिछले तीन दिन से हो रही बारिश से नौ लोगों की मौत हो गई है, इनमें से सात की मौत पिछले 24 घंटे में हुई है.

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष के अनुसार हरिद्वार ज़िले में तीन लोगों की पिछले चौबीस घंटे के दौरान मौत हुई है. रुड़की तहसील में एक बच्चे की जलभराव में डूबने से और खुर्द ग्राम क्षेत्र में दो लोगों की बह जाने से मौत हो गई.

टिहरी ज़िले में रविवार रात एक गाड़ी के भूस्खलन की चपेट में आने से तीन लोगों की मृत्यु हो गई. ऊधमसिंह नगर में रविवार शाम एक व्यक्ति की बारिश के बाद डूबने से मौत हो गई.

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मौसम विभाग के अनुसार पिछले चौबीस घंटे में राज्य में ज़्यादातर स्थानों पर हल्की बारिश हुई है, कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है. जिन स्थानों पर सात सेमी या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई है, उनमें हल्द्वानी में 16 सेमी और हरिद्वार में 15 सेमी की बारिश हुई है.

लखनऊ स्थित पत्रकार समीरात्मज मिश्र के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में क़रीब पूरे राज्य में हल्की से भारी बारिश दर्ज की गई है. बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, ख़ासकर तराई के इलाकों में लोगों के लिए यह बारिश आफ़त लेकर आई है.

अगले 24 घंटों में भी राज्य के पूर्वी भागों में कई जगह जबकि पश्चिमी हिस्सों में कुछ जगह पर भारी बारिश की आशंका है.

भारी बारिश की वजह से कई जगह से तबाही की भी ख़बरें मिली हैं. रविवार को अलीगढ़ में पानी के कारण उतरे करंट से एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई.

उत्तर प्रदेश में गंगा, शारदा और घाघरा जैसी नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है. उत्तराखंड से लगते तराई के इलाक़ो में नदियों का पानी गांवों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है.

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शारदा, घाघरा जैसी कई नदियां कई जगह ख़तरे के निशान के ऊपर बह रही हैं. गंगा नदी बलिया में ख़तरे के निशान के नजदीक पहुंच गई है.

वहीं जयपुर में स्थित पत्रकार आभा शर्मा के मुताबिक़ राजस्थान के 12 जिलों में 60 फ़ीसद या इससे अधिक बारिश हुई है. हालांकि रेगिस्तानी ज़िले जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर अभी भी बारिश के लिए तरस रहे हैं. राजधानी जयपुर सहित अन्य 11 जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है.

भरतपुर संभाग के भरतपुर, करौली, अलवर, धौलपुर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. पांचना बाँध में जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर चला गया है. कई नदियों में पानी तेजी से बढ़ रहा है. इससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं.

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ओपी सैनी को स्थिति की निगरानी के लिए भेजा गया है.

आपदा प्रबंधन अधिकारी विजेंद्र सिंह के मुताबिक़ राज्य में फिलहाल 'अलर्ट' या 'वार्निंग' जैसी कोई बात नहीं है.

नागपुर स्थित स्थानीय पत्रकार संजय तिवारी के मुताबिक उत्तर महाराष्ट्र, पूर्वी विदर्भ और कोंकण के कई इलाकों में बारिश अब भी जारी है. नदियों के जलस्तर में इजाफ़ा हुआ है हालांकि बाढ़ वाले इलाकों में कमी आई हैं.

नासिक में लगातार बारिश से कुछ निचले इलाकों में पानी अब भी भरा हुआ है, यहाँ एक और पुराने मंदिर का हिस्सा गिरने की ख़बर है.

हालांकि पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर ज़िले में हालात तेजी से सामान्य होते जा रहे हैं. विदर्भ के चंद्रपुर, गड़चिरोली, अकोला समेत अन्य ज़िलों में पिछले तीन दिनों से बारिश का प्रमाण कम होनेसे लोगों ने राहत की सांस ली है.

वहीं पटना स्थित मनीष शांडिल्य ने बताया है कि बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक सूबे के तीन जिलों के चालीस गांव अभी बाढ़ से प्रभावित हैं.

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सुपौल, अररिया और दरभंगा के इन चालीस गांवों की करीब सत्तर हज़ार आबादी अभी बाढ़ से घिरी है. सूबे में कोसी और महानंदा को छोड़ बाकी सारी नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं.

बीते चौबीस घंटों के दौरान बाढ़ से किसी शख्स की न तो मौत हुई है और न ही कोई घायल हुआ है. असम और इससे सटे सीमावर्ती राज्यों में हो रही भारी बारिश के कारण प्रदेश में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है.

वहीं दिसपुर स्थित स्थानीय पत्रकार दिलीप शर्मा के मुताबिक असम के सात ज़िले में बाढ़ का असर है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक बाढ़ से असम के सात ज़िलों में 276 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. जबकि एक लाख 76 हज़ार से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है.

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मुख्यमंत्री के गृह जिला जोरहाट और लखीमपुर में बाढ़ से सबसे ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. लखीमपुर के नारायणपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिसकी सरकारी पुष्टि हो गई.

बाढ़ के कारण गोलाघाट और जोरहाट जिले में कई सड़कें बह जाने से कुछ इलाक़ों का संपर्क टूट गया है. ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भेजा गया है.

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