क्यों मांगें राहुल गांधी माफ़ी?

  • 20 जुलाई 2016
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भारत की सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कहा है कि महात्मा गांधी की हत्या को ले कर आरएसएस पर लगाए आरोप के लिए या तो वे माफ़ी मांगें या मुक़दमे का सामना करने के लिए तैयार रहें.

इस पर सोशल मीडिया पर कई लोग टिप्पणियां कर रहे हैं. कोई कह रहा है राहुल माफ़ी मांगें तो कोई कह रहा है उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए.

ट्विटर पर लोग 'राहुल गांधी' के बारे में बात कर रहे हैं तो #RSSKilledGandhi भी ट्रेंड कर रहा है.

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विकास राय लिखते हैं, “सुप्रीम कोर्ट को इसका श्रेय जाता है कि उन्होंने राहुल गांधी को बताया कि बोलने के अधिकार में क्या शामिल है और क्या नहीं.”

नागेंद्र कुमार लिखते हैं, “अब माफ़ी से काम नहीं चलेगा...जब देखो मुंह उठा के गांधी की हत्या का आरोप संघ के मत्थे मढ़ देते थे साहब.”

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आंटी नेशनल नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा है, “आरएसएस और हिंदू महासभा ने देश के भीतर ऐसा माहौल बनाया, जिसके चलते यह संभव हुआ.”

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सैय्यद उमर समीर ने लिखा है, “गांधी की हत्या किसने की यह एक सच है, जो तथ्य बताने वाले के माफ़ी मांग लेने से नहीं बदलेगा.”

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भारतीय जनता पार्टी के सुब्रमण्यम स्वामी ने एक ट्वीट में लिखा है, “राहुल गांधी अब महात्मा गांधी की हत्या से संबंधित दस्तावेज़ पढ़ सकते हैं और इस विवाद के बारे में कुछ कह सकते हैं.”

इस ट्वीट के जवाब में कई लोगों ने उनका समर्थन किया है और लिखा है कि राहुल गांधी को माफ़ी मांगनी चाहिए. लेकिन कई लोग हैं जो कहते हैं कि महात्मा गांधी की हत्या का सच सामने आना चाहिए.

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नोबल प्रिंसेस नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा है, “नाधूराम गोडसे भी एक बेवक़ूफ़ थे, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी बर्बाद कर ली. कृपया उन लोगों का समर्थन न करें जो बेवक़ूफ़ हैं और धर्म के नाम पर अतिवादी हैं.”

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