दयाशंकर को सभी पदों से हटाया बीजेपी ने

  • 20 जुलाई 2016
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भाजपा के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष केपी मौर्य ने दयाशंकर सिंह को तत्काल प्रभाव से पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है. मौर्य के दफ़्तर से प्राप्त सूचना के अनुसार दयाशंकर सिंह को बसपा प्रमुख मायावती पर की गई 'अभद्र टिप्पणी' के कारण पद से हटाया गया है.

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने बसपा नेता मायावती के लिए इस्तेमाल किए गए अपनी अभद्र टिप्पणी पर माफ़ी मांगी है.

भाजपा ने भी उनके इस बयान पर खेद जताया है.

यह मामला संसद में भी उठा. मायावती ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर आक्रामक रूख अपनाया और बीजेपी से कहा कि अगर ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो लोग सड़कों पर उतरेंगे. संसद में ही अरूण जेटली ने कहा कि वो इस बयान से निजी तौर पर आहत हुए हैं.

उत्तर प्रदेश के मऊ ज़िले में पत्रकारों के साथ बातचीत में दया शंकर सिंह ने मंगलवार को कहा था कि मायावती टिकट बेचती हैं और बेचने के बाद यदि कोई ज़्यादा क़ीमत देता है तो फिर टिकट ज़्यादा क़ीमत लगाने वाले को दे देती हैं. यही नहीं, यदि उससे भी ज़्यादा क़ीमत टिकट की लगती है तो फिर सबसे ज़्यादा बोली लगाने वाले को ही टिकट मिलता है.

इस दौरान उन्होंने आपत्तिजनक तरीक़े से मायावती की तुलना वेश्या से की और कहा कि उनसे अच्छी तो वेश्या है जो कम से कम अपने वायदे पर तो खरी उतरती है.

दयाशंकर सिंह हाल ही में भाजपा की नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए थे और मऊ ज़िले में अपने सम्मान समारोह के बाद उन्होंने ये बात कही.

दयाशंकर सिंह कि इस टिप्पणी का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद उनकी चारों ओर आलोचना होने लगी जिसे देखते हुए उन्होंने कुछ ही देर बाद बलिया में प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगी.

वहीं दया शंकर सिंह की इस टिप्पणी को लेकर बसपा कार्यकर्ताओं ने काफी ग़ुस्सा जताया है.

बसपा के आज़मगढ़ क्षेत्र के प्रभारी चेतईराम ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि यह भाजपा का असली चरित्र है.

उनका कहना था कि दो साल से पार्टी की केंद्र में सरकार और है और वो अभी तक कोई काम कर नहीं सकी है, हर जगह उसे हार का सामना करना पड़ रहा है और उत्तर प्रदेश में भी उसे हार का एहसास हो चुका है, इसलिए पार्टी के नेता अनाप-शनाप बयानबाज़ी कर रहे हैं.

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