'उना में पिटने वाले दलित नहीं ईसाई हैं'

  • 1 अगस्त 2016
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भाजपा विधायक राजा सिंह ने कहा है कि गुजरात के उना में जिन लोगों की पिटाई हुई वो उसे सही ठहराने के अपने बयान पर क़ायम हैं.

राजा सिंह हैदराबाद के गोशामहल से भाजपा विधायक हैं और सक्रिय गोरक्षक भी.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "मैंने उना में जो हुआ उसके समर्थन में बयान इसलिए दिया है क्योंकि वो दलित चिंतित हैं जो ख़ुद गो रक्षा करते हैं."

उन्होंने कहा, "कुछ दलित पूरे दलित समुदाय का नाम ख़राब कर रहे हैं. मीडिया में चल रहा है कि दलितों पर अत्याचार हो रहा है, उन्हें पीटा जा रहा है. पहले इस बात की जांच होनी चाहिए कि वो लोग दलित हैं भी या धर्म परिवर्तन करके ईसाई बन गए हैं."

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राजा सिंह ने कहा, "आज के दलित गौपूजक हैं. उना में जिन दलितों के साथ घटना हुई है वो ईसाई हैं."

जिन 'कुछ दलितों' की बात राजा सिंह कर रहे हैं उन्हीं के लिए उन्होंने अपने एक वीडियो में भद्दे शब्दों का इस्तेमाल किया था.

इस पर राजा सिंह कहते हैं, "यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं क्षमा चाहता हूँ."

उन्होंने कहा, "ये आम धारणा बन रही है कि दलित गाय काटते हैं, मांस खाते हैं लेकिन ऐसा नहीं है. समूचा दलित समुदाय ऐसा नहीं है. कुछ ही लोग हैं जो दलितों को बदनाम कर रहे हैं. मैं इसी से दुखी हूं."

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Image caption उना में दलितों की पिटाई के ख़िलाफ़ अहमदाबाद में हुए दलित महासम्मेलन में दसियों हज़ार लोग शामिल हुए.

गोरक्षा के नाम पर हो रही कथित गुंडागर्दी के सवाल पर उन्होंने कहा, "जो राष्ट्रविरोधी लोग गाय को क़त्ल करने ले जाते हैं जब हम उनके बारे में पुलिस को सूचना देते हैं और पुलिस फिर भी कार्रवाई नहीं करती तो हमें मजबूरन सड़क पर आना पड़ता है. कोई गोरक्षक ये नहीं चाहता कि वो हाथ में लाठी उठाए. हम 99 फ़ीसदी काम क़ानून के तहत करते हैं."

उन्होंने ये भी कहा कि सभी नेताओं को भी अपने घर में गाय पालनी चाहिए.

राजा सिंह ने कहा, "जो भी नेता या मंत्री गो रक्षा की बात करे पहले उसे अपने फ़ार्महाऊस में गाय पालनी चाहिए."

राजा सिंह ने कहा, 'जो लोग गाय के ऊपर राजनीति कर रहे हैं उनका राजनीतिक भविष्य अंधकार में हैं.'

राजा सिंह ने कहा कि गाय के अंतिम संस्कार की भी व्यवस्था की जानी चाहिए और गाय की खाल का व्यवसाय बंद होना चाहिए.

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