अभद्र टिप्पणी केस में दयाशंकर को ज़मानत

  • 6 अगस्त 2016
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भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह को मऊ की एक अदालत ने पचास-पचास हज़ार के दो निजी मुचलकों पर शनिवार को ज़मानत दे दी.

दयाशंकर सिंह को बीएसपी नेता मायावती के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी के मामले में गिरफ़्तार किया गया था.

29 जुलाई को दयाशंकर सिंह को बिहार के बक्सर से बिहार पुलिस और यूपी एसटीएफ ने गिरफ़्तार किया था.

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बीएसपी नेताओं ने उनके ख़िलाफ़ लखनऊ में मुक़दमा दर्ज कराया था लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ़्तार नहीं कर पाई तो कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी किया था.

गिरफ़्तारी के बाद उन्हें मऊ की ज़िला अदालत में पेश किया गया था.

मायावती के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी के मामले में उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने पहले प्रदेश उपाध्यक्ष पद से और फिर उसके बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया था.

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हालांकि बाद में इस मामले में एक और विवाद जुड़ गया जब बीएसपी नेताओं ने लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान दयाशंकर सिंह की परिवार की महिलाओं के ख़िलाफ़ अभद्र भाषा में नारे लगाए.

दयाशंकर सिंह की माँ और उनकी पत्नी स्वाति सिंह ने इस मामले में लखनऊ में ही बीएसपी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत कई अन्य नेताओं के ख़िलाफ़ पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है.

हालांकि इस मामले में अभी भी पुलिस किसी को गिरफ़्तार नहीं कर पाई है.

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