पोकेमॉन गो के ख़िलाफ़ गुजरात की अदालत में केस

  • 7 सितंबर 2016

डिजिटल दुनिया के नए रिएलिटी गेम पोकेमॉन गो पर भारतीय अदालत में धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा है.

गुजरात हाई कोर्ट में दायर एक याचिका में इस गेम पर प्रतिबंध लगाने की अपील की गई है.

आरोप लगाया गया है कि यह गेम लाखों शाकाहारी लोगों की भावनाओं को आहत कर रहा है.

याचिका के अनुसार इस गेम में कई मंदिरों के साथ अंडे की इमेज लगाई जा रही है जो हिंदुओं और जैन लोगों के लिए ईशनिंदा जैसा है.

कोर्ट ने पोकेमॉन गो बनाने वालों को इन आरोपों का जवाब देने को कहा है.

अभी ये साफ नहीं है कि नियान्टिक इन्कॉर्पोरेटिड इन आरोपों पर कोई जवाब देगा भी या नहीं.

उधर कोर्ट के इस फैसले का सोशल मीडिया में मजाक उड़ाया जा रहा है.

पोकेमॉन गो को आधिकारिक तौर पर भारत में रिलीज नहीं किया गया है लेकिन कई लोग अलग अलग जुगाड़ के ज़रिए भारत में भी इसे खेल पा रहे हैं.

कई रिपोर्टों के अनुसार इस गेम में कई मंदिर पोकस्टॉप हैं जहां गेम खेलने वाले जाकर अपने खेल के लिए सामान जुटा सकते हैं.

याचिका में पोकेमॉन गो खेलने वालों की सुरक्षा और निजता का भी सवाल उठाया गया है और कहा गया है कि पोकेमॉन गेम के जानवर जुटाने में जान का भी खतरा रहता है.

कोर्ट के इस मामले का सोशल मीडिया पर इतना मजाक उडाया जा रहा है कि पोकेमॉन गो भारत में ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा है.

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