बीबीसी इंडिया बोल... लाइव टेक्स्ट

  • 10 नवंबर 2009

IST 2028 बीबीसी इंडिया बोल में आज इतना ही. सभी पाठकों, श्रोताओं को बहुत बहुत धन्यवाद.

IST 2027 कृष्ण जी हरियाणा से कहते हैं कि हिंसा का प्रयोग बिल्कुल ग़लत है. खाप पंचायतों को ठहराया जाता है बर्बर और रूढ़िवादी.

IST 2026 बात यह निकल रही है कि उनके खिलाफ़ हिंसा को किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता है.

IST 2026 अरविंद फिर आते हैं बहस में.. कहते हैं कि अगर कोई राजी है तो बाकी लोगों को क्यों आपत्ति है.

IST 2025 सुरेश अग्रवाल कहते हैं कि अगर इन बातों को पूरा मान लें तो बहन को बहन कौन कहेगा

IST 2024 पर मान्यताओं के सवाल पर यह तर्क उठता है कि पश्चिम से ऐसा ज़्यादा उठकर आया है. अब ठीकरा फूट रहा है पाश्चात्य संस्कृति पर.

IST 2022 गोपालगंज बिहार के एक श्रोता कहते हैं कि भारतीय संस्कृति हज़ारों बरसों से ऐसा मानती आई है.

IST 2021 एक बात यह सामने आती है कि विकसित माने जाने वाले हरियाणा और पंजाब राज्य में ऐसी मान्यताओं को तो़ड़ने वालों पर हिंसा ज़्यादा होती है.

IST 2019 अरविंद भारतीय पत्रकारिता के छात्र हैं और कहते हैं कि यह दकियानूसी तर्क है कि अच्छी संतान अलग गोत्र में ही होगी.

IST 2018 एक रिकॉर्डेड मैसेज में कहा गया कि जाति की बंधन तोड़ें पर गोत्र को तो ध्यान में रखें.

IST 2015 बीबीसी इंडिया बोल में अब बारी है ऑनलाइन के जरिए जा रही प्रतिक्रियाओं की.

IST 2013 बीबीसी में इस बार का विषय सुझाया था शिव अधिकारी ने जर्मनी से. उन्होंने प्रेम विवाह किया है. वो बाँटते हैं अपने अनुभव.

IST 2011 बहस में सवाल उठता है कि गोत्र से व्यक्ति का कितना विकास हो जाता है. तर्क आता है कि इससे अच्छी संतानों का जन्म होता है.

IST 2010 बीबीसी इंडिया बोल में राकेश के प्रश्न पर अरविंद कुमार कहते हैं कि तपस्वियों की शोध की गई परंपरा के जवाब में ऐसी आधुनिक सोच ग़लत है.

IST 2009 राकेश दिल्ली से कहते हैं कि गोत्र की बहस का ऐतिहासिक पक्ष समझें. गोत्र कहाँ से आए और कितने वैज्ञानिक हैं, इसे समझा जाए.

IST 2008 ब्रजकिशोर कहते हैं कि अगर तेज़ी से हुआ परिवर्तन तो समाज बिखर सकता है. बदलाव तो हो रहा है. गति रोकें.

IST 2007 राजस्थान से विष्णु परिहार कहते हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिए. पहले वाली बातें अब नहीं होनी चाहिए.

IST 2006 जातिवाद और विवाहों का मसला गरम बहस का विषय बनती है. लोगों के बीच इसपर मतभेद हैं.

IST 2005 ब्रज किशोर कहते हैं कि अगर ऐसा हुआ तो संस्कृति ही ख़तरे में पड़ जाएगी. पर चंद्रभान करते हैं इसका खंडन.

IST 2004 विकास कहते हैं कि वो सहमत हैं इस तर्क से. अपनी शादी के लिए वो इन बाधाओं को नहीं मानेंगे.

IST 2003 चंद्रभान ने कहा कि जातीय भेदभाव का आधार ग़लत.

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IST 1959 बीबीसी इंडिया बोल में आपका स्वागत है. रूपा झा और पाणिनी आनंद के साथ

IST 1955 बीबीसी इंडिया बोल अब बस पाँच मिनट में आपके बीच... लाइव

IST 1915 बीबीसी इंडिया बोल में शामिल होने के लिए आएं टोल फ्री नंबर 1800-11-7000 पर या hindi.letters@bbc.co.uk पर

IST 1913 इसबार का विषय है- गोत्र, जाति और संप्रदाय की सीमा लांघकर होने वाले संबंधों पर आपका मत.

IST 1912 बीबीसी इंडिया बोल की ओर से आप सभी का स्वागत. अब से कुछ देर में यानी 48 मिनट बाद हम होंगे आपसे रूबरू...लाइव