बीबीसी इंडिया बोल... लाइव टेक्स्ट

IST 2028 बीबीसी इंडिया बोल में एक गरमागरम बहस हुई यौनकर्मियों से जु़ड़े इस अहम सवाल पर. आज की बहस में इतना ही. कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.

IST 2027 हैदराबाद से गौतम कहते हैं कि संस्कृति और समाज इस कलंक को क्यों स्वीकार करे.

IST 2026 अंगूरी देवी सवाल उठाती हैं कि अमीर लोग छिपकर बड़ा पैसा खर्च करके सेक्स करते हैं. अगर मान्यता मिली तो ग़रीब यौनकर्मियों की हालत सुधरेगी.

IST 2025 आईआईटी दिल्ली से दीपक कहते हैं कि इंटरनेट ने पहले से ही बहुत नैतिक ह्रास कर दिया है. इनको मान्यता दी तो ग़लत होगा.

IST 2024 हिम्मत सिंह भाटी कहते हैं कि इसका विरोध करना एक तरह का पाखंड है. अगर कोई इस पेशे के लिए मजबूर है तो समाज इसके लिए ज़िम्मेदार है.

IST 2022 राजस्थान से एक व्यक्ति ने सवाल उठाया कि अगर मान्यता देते हैं तो पशु और मनुष्य में अंतर क्या रह जाएगा.

IST 2021 सवाल यह उठता है कि क़ानून बनकर भी बहुत सूरत नहीं बदलती. पर यौनकर्मी महिलाएं कहती हैं कि यह तर्क उनको क़ानूनी मान्यता न देने का आधार नहीं बन सकता.

IST 2019 वो वेश्यावृत्ति को मान्यता देने की ज़बरदस्त वकालत करती हैं. कहती हैं कि अपमान, हिंसा और शोषण से निजात मिलेगी.

IST 2018 भारती डे एक यौनकर्मी हैं. पश्चिम बंगाल से कहती हैं कि कोई भी पेशा कलंक नहीं होता. उससे रोटी मिल रही है.

IST 2017 पवन कुमार राजस्थान से कहते हैं कि यह पेशा समाज से दूर है. समाज की मान्यताओं को नहीं मानता. सामाजिकता प्रभावित हो रही है.

IST 2015 बारी बीबीसी हिंदी की ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं की.

IST 2014 बहस गर्म होती जा रही है. दुनिया के उन देशों का हवाला है जहाँ यौनकर्मियों को क़ानूनी मान्यता है तो नैतिकता की दुहाई भी है.

IST 2012 सुधांशु जीत राठौर की बात का खंडन करते हैं. कहते हैं कि इसे खत्म कर पाने की बात बेमानी है.

IST 2011 भोपाल से एक श्रोता कहते हैं कि इनकी मजबूरी को समझना चाहिए और वजहों का उपाय करना चाहिए.

IST 2010 पुलिस के अफसर, पुलिसकर्मी और स्थानीय गुंडे करते हैं शोषण. पैसे नहीं देते और परेशान करते हैं. कहती हैं एक यौनकर्मी.

IST 2009 अंगूरी देवी यौनकर्मी हैं. कहती हैं कि अगर क़ानूनी मान्यता मिले तो बाल यौन शोषण रुकेगा. मानव तस्करी पर अंकुश लगेगा.

IST 2008 नोएडा से सुधांशु कहते हैं कि पूरी तरह से क़ानूनी मान्यता दें. इससे यौनकर्मियों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और शोषण कम होगा.

IST 2007 सीमा कहती हैं कि पुलिस के डर से लुक-छिपकर होता है यौनकर्म.

IST 2006 अहमद अली राजस्थान से कहते हैं कि अंजू का एक तय जगह पर यौनकर्मियों के पेशे को होने देना ग़लत है. उन्हें अलग से जगह देना आसान नहीं और व्यावहारिक भी नहीं.

IST 2005 अंगूरी देवी ने किया खंडन. कहा, अगर वेश्यावृत्ति न हो तो स्थिति और विस्फोटक होगी.

IST 2004 अंजू हिस्सा लेती हैं बहस में कहती हैं कि यौनकर्मियों को मिली मान्यता तो सामाजिक संतुलन बिगड़ जाएगा.

IST 2001 बीबीसी के स्टूडियो में आज जो यौनकर्मी, सीमा और अंगूरी भी मौजूद हैं. बहस में वो भी लेंगी हिस्सा

IST 1959 बीबीसी इंडिया बोल में आपका स्वागत है. मैं हूँ पाणिनि आनंद और साथ हैं रूपा झा.

IST 1945 बीबीसी इंडिया बोल में अब केवल 15 मिनट बाकी. लाइव टेक्स्ट के ज़रिए जानिए बहस का रुख.

IST 1915 बीबीसी इंडिया बोल में शामिल होने के लिए आएं टोल फ्री नंबर 1800-11-7000 पर या hindi.letters@bbc.co.uk पर

IST 1915 इसबार का विषय है- क्या वेश्यावृत्ति को क़ानूनी मान्यता दी जाए...?

IST 1915 बीबीसी इंडिया बोल की ओर से आप सभी का स्वागत. अब से कुछ देर में यानी 45 मिनट बाद हम होंगे आपसे रूबरू...लाइव