बीबीसी इंडिया बोल... लाइव टेक्स्ट

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IST 2028 बीबीसी इंडिया बोल में बहस के लिए बहुत से लोग तैयार पर समय की सीमा है. कार्यक्रम में आज इतना ही. आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद.

IST 2027 बहस है गर्म. रविशंकर कहते हैं कि मीडिया की कोई ग़लती नहीं. अगर लोग ग़लती करेंगे तो मीडिया छापेगा ही.

IST 2026 जोधपुर से एक श्रोता उठाते हैं मुद्दा की मीडिया है असल ज़िम्मेदार. सबकी ख़बरों को लोगों के सामने लाने वाले मीडियाकर्मी हैं.

IST 2025 रवींद्र कुमार कहते हैं कि किसी के निजी जीवन को उसके सार्वजनिक जीवन से अलग करके रखें.

IST 2025 पोखरण से एक श्रोता कहते हैं कि निजता सबके लिए अहम है. इसे अलग करके क्यों देखें.

IST 2024 एक श्रोता कहते हैं कि ताज़ा मामला हरियाणा का भी आकर्षित करता है लोगों को.

IST 2023 बहस अब इस मोड़ पर कि कहीं मीडिया ही तो इस मामले को बढ़ा चढ़ा कर सामने नहीं रखती.

IST 2022 प्रशांत भगत इलाहाबाद से कहते हैं कि हर व्यक्ति दो तरह के चरित्र होते हैं. निजता में दखल क्यों दें.

IST 2021 जब चपरासी के लिए प्रमाण पत्र चरित्र का अनिवार्य तो फिर नेताओं के लिए कोई पैमाना क्यों नहीं.

IST 2021 राजेश मंडल कार्यक्रम में शामिल. वो कहते हैं कि कोई भी नेता रोल मॉडल बनने लायक नहीं.

IST 2020 आशा कहती हैं कि मधुरंजन की बात से सहमत नहीं हुआ जा सकता क्योंकि हमारा समाज ऐसी खुली सोच वाला नहीं है.

IST 2018 मधुरंजन कहते हैं कि दोहरा चरित्र हम अपने मन में गढ़ते हैं. सबकुछ नकारात्मक ही नहीं है उसे ही क्यों देखें.

IST 2017 आशा मोर्य कहती हैं कि खास लोगों के दोहरे चरित्र के कारण समाज उनके अनुकरण को लेकर भ्रमित हो जाता है.

IST 2014 बीबीसी इंडिया बोल में अब बारी ऑनलाइन की प्रतिक्रियाओं की.

IST 2013 राजेश कहते हैं कि रोल मॉडल बनाने के लिए बुराई ही क्यों देखें... अच्छाइयां भी देखें.

IST 2012 बंगलौर से राजेश अरोड़ा कहते हैं कि किसी की प्रस्तुति देखें, उनका काम देखें, उनके दायित्व को देखें, निजी ज़िंदगी में न झांकें.

IST 2011 महावीर विश्नोई कहते हैं कि नेताओं को एक अच्छा आदर्श उपस्थित करने की ज़रूरत है.

IST 2010 वो कहते हैं कि जिनके बारे में हम जान जाते हैं वो बुरे हो जाते हैं और जिनके बारे में नहीं जान पाते हैं वो पाक साफ बने हैं.

IST 2009 राहुल कहते हैं कि टाइगर वुड्स का मामला नारायणदत्त तिवारी पर लगे आरोपों से भिन्न है.

IST 2008 बीबीसी इंडिया बोल में बहस गरम है. राहुल बिहार से बोलते हैं कि किसी भी व्यक्ति का व्यक्तिगत जीवन उसका निजी मामला है पर संवैधानिक पद की मर्यादा भी बनाए रखनी चाहिए.

IST 2007 रविशंकर कहते हैं कि पश्चिम के उदाहरणों पर भारत नहीं चल सकता.

IST 2007 धीरज कहते हैं कि निजी जीवन में क्यों दें दखल. उनकी ज़िम्मेदारी उन्होंने कैसे निभाई, यह है महत्वपूर्ण.

IST 2005 ईश्वर तिवारी कहते हैं कि परिवार और निजी संबंधों से ऊपर उठकर देश के लिए काम करना चाहिए नेताओं को.

IST 2004 धीरज कहते हैं कि वैज्ञानिक आइंस्टीन ने भी तीन शादी की थी, अपनी छात्राओं से शादी की थी.

IST 2004 धीरज मधुरंजन कार्यक्रम में चेन्नई से शामिल. वो कहते हैं कि कोई क्यों दखल दे किसी की निजी ज़िंदगी में.

IST 2003 रविशंकर तिवारी दिल्ली से कहते हैं कि किसी के निजी जीवन में दखल नहीं देना चाहिए.

IST 2003 वो कहते हैं कि नेताओं और ख़ास हस्तियों की ज़िंदगी खुली किताब होनी चाहिए.

IST 2002 पहले श्रोता है ईश्वर तिवारी, छत्तीसगढ़ से. वो कहते हैं कि आज के नेता अनुकरणीय आचरण कर ही कहाँ रहे हैं.

IST 2001 बीबीसी इंडिया बोल में लाइव हिस्सा लेने के लिए डायल करें 1800-11-7000.

IST 2000 बीबीसी इंडिया बोल में आज का विषय है- ख़ास हस्तियों की निज़ी ज़िंदगी में दखल कितना जायज़...?

IST 1959 बीबीसी इंडिया बोल के सभी पाठकों, श्रोताओं का स्वागत, आप सब के बीच लाइव अपडेट के साथ मैं हूँ पाणिनि आनंद. नमस्कार.

IST 1957 बीबीसी इंडिया बोल टीम के ऐश्वर्य कपूर मौजूद है स्टूडियो में. तकनीक पक्ष संभाल रही हैं दिव्या शर्मा.

IST 1955 बीबीसी इंडिया बोल बस अब से पाँच मिनट में. रूपा झा आज के कार्यक्रम के लिए स्टूडियो पहुँच चुकी हैं.

IST 1920 बीबीसी इंडिया बोल में शामिल होने के लिए आएं टोल फ्री नंबर 1800-11-7000 पर या hindi.letters@bbc.co.uk पर

IST 1920 इसबार का विषय है- ख़ास हस्तियों की निज़ी ज़िंदगी में दखल कितना जायज़...?

IST 1920 बीबीसी इंडिया बोल की ओर से आप सभी का स्वागत. अब से कुछ देर में यानी 40 मिनट बाद हम होंगे आपसे रूबरू...लाइव

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