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IST 2028 बीबीसी इंडिया बोल में इस बार इतना ही. नमस्कार.

IST 2028 रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई कहते हैं कि पहले की कोशिशें सफल नहीं हुई है.

IST 2027 प्रेम वर्मा कहते हैं कि रहीमुल्लाह की मानें तो बातचीत तो बेमानी है. क्योंकि असली तालेबान इसके लिए तैयार ही नहीं है.

IST 2026 दिल्ली से आकाश जी कहते हैं कि बातचीत की ये पेशकश बहुत पहले आनी चाहिए थी.

IST 2025 तो इस बातचीत की पेशकश का मतलब क्या है?

IST 2024 रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई कहते हैं कि उन तालेबान को बात के लिए कहा जा रहा है जो उदार हैं.

IST 2023 भारत इसलिए बात नहीं कर रहा क्योंकि तालेबान को पाकिस्तान की शह मिली हुई है.

IST 2022 वो कहते हैं कि आतंकवादी संगठन भारत के प्रति अच्छा नज़रिया नहीं रखते.

IST 2021 पटना से धनंजय मिश्र कहते हैं कि तालेबान को लेकर अमरीका की नीति नाकाम हो गई है.

IST 2020 अब ऐश्वर्य कपूर बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के ज़रिए भेजे गए पत्रों को अपनी आवाज़ दे रहे हैं.

IST 2019 मुंबई से वेणुगोपाल का कहना है कि नैटो को तत्काल अफ़ग़ानिस्तान से हटना चाहिए.

IST 2018 रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई कहते हैं कि असली तालेबान मंत्री नहीं बनता. जो मंत्री बनते हैं वे लालची हैं.

IST 2017 उनका कहना है कि तालेबान दोस्त बनकर बदला लेना चाहता है.

IST 2017 पटना से सीपी सिंह का कहना है कि तालेबान चाणक्य नीति पर चल रहा है.

IST 2016 असम से उमेश कुमार भी अपने रुख़ पर क़ायम हैं. उनका कहना है कि बातचीत होनी चाहिए.

IST 2015 लेकिन प्रेम वर्मा अपनी बात पर अड़े हुए हैं. उनका कहना है कि तालेबान पर भरोसा करना उचित नहीं.

IST 2014 वहाँ भारत की छवि अच्छी है लेकिन भारत को एकतरफ़ा लाइन से बचना चाहिए.

IST 2013 उनका कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान को लेकर भारत की चिंता समझी जा सकती है.

IST 2012 रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई का कहना है कि सरकार में जो शामिल हो जाए वो गुड तालेबान है और बाक़ी बैड.

IST 2012 उनका कहना है कि तालेबान पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

IST 2011 प्रेम वर्मा का कहना है कि इस समय तालेबान से बात करना कमज़ोरी समझी जाएगी.

IST 2010 अब्दुल रहीम, राजस्थान से कहते हैं कि किसी भी समस्या का समाधान गोली नहीं.

IST 2009 धनंजय कुमार, पटना से कहते हैं कि तालेबान के साथ बातचीत होनी चाहिए

IST 2008 तालेबान का प्रभाव दिनों-दिन बढ़ रहे हैं.

IST 2007 वो कहते हैं कि तालेबान को तरह-तरह के प्रस्ताव मिल रहे हैं लेकिन वे बातचीत के लिए राज़ी नहीं.

IST 2006 रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई कहते हैं कि तालेबान से मजबूरी के कारण बातचीत हो रही है.

IST 2005 असम से उमेश कुमार कहते हैं कि तालेबान के साथ बातचीत होनी चाहिए.

IST 2003 रवि चौधरी कहते हैं कि तालेबान अफ़ग़ानिस्तान एक बड़ी ताक़त है.

IST 2001 क्या अफ़ग़ानिस्तान में गुड तालेबान से समझौता ज़रूरी है.

IST 2000 कार्यक्रम में आज बहस गुड और बैड तालेबान पर.

IST 1959 बीबीसी इंडिया बोल में आपका स्वागत है. मैं हूं पंकज प्रियदर्शी. नमस्कार.

IST 1957 कार्यक्रम बस कुछ ही क्षणों में. स्टूडियो में मौजूद हैं अविनाश दत्त और टेलिफ़ोन के ज़रिए मौजूद हैं रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई.

IST 1915 कार्यक्रम में लाइव हिस्सा लें लाइव टेक्स्ट के ज़रिए या कॉल करें टोल फ्री नंबर 1800-11-7000 पर.

IST 1915 इसबार का विषय है- क्या अफ़ग़ानिस्तान में 'गुड' तालेबान से समझौता ज़रूरी...?

IST 1915 बीबीसी इंडिया बोल की ओर से आप सभी का स्वागत. अब से कुछ देर में यानी 45 मिनट बाद हम होंगे आपसे रूबरू...लाइव

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