बीबीसी इंडिया बोल... लाइव टेक्स्ट

  • 12 मार्च 2010

IST 2028: बीबीसी इंडिया बोल मे आज इतना ही. आप सभी लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद.

IST 2027: हिसार से रोहन कहते हैं कि ऐसा संशोधन किया जाना चाहिए जिससे सांसदों के बर्ताव को ठीक किया जा सके.

IST 2026: आगरा से संजय सुमन शामिल हुए हैं. वे जावेद की बात में हाँ में हाँ मिला रहे हैं. लोकतंत्र में सबको ये हक़ है कि वो अपनी बात रखें और उन्हें ये मौका नहीं मिला.

IST 2025: बहुत ही ज़बरदस्त बहस चल रही है. वाराणसी से मनीष भी मानते हैं कि जनता के प्रतिनिधियों को बोलने का मौका मिलना चाहिए थे

IST 2024: जावेद की बात का सर्मथन करते हुए दीपक कहते हैं कि संसद में विरोधियों को बोलने का मौका क्यों नहीं दिया गया.

IST 2023: कतर से एक श्रोता जावेद सांसदों के बर्ताव के ख़िलाफ़ तो हैं पर कहते हैं कि ऐसा करने के लिए उन्हें मजबूर किया गया और तानाशाही रवैया रहा

IST 2023: राजेश जोशी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताते हैं कि ससंद की एक मिनट की कार्यवाही पर करीब 26 हज़ार रुपए खर्च होते हैं

IST 2022: पंजाब से एक श्रोता प्रशांत का मानना है कि सांसदों को दलील के ज़रिए अपनी बात रखनी चाहिए न कि नारेबाज़ी करके या हाउस का सामान तोड़फोड़ कर. इससे पैसा फ़िजूल खर्चा होता है.

IST 2021: यानी ऑनलाइन के ज़्यादातर पाठक सांसदों के बर्ताव के ख़िलाफ है.

IST 2020: जंगबहादुर सिंह का मानना है कि संसद में जो कुछ हुआ दरअसल वे डरते हैं कि महिलाएँ अब किचन से निकलकर संसद पहुंच जाएँगी

IST 2019: फ़रीद कहते हैं कि यो कुछ हुआ वो दुख की बात है

IST 2018: बीबीसी इंडिया बोल में अब वक़्त ऑनलाइन पर आने वाली प्रतिक्रियाओं का.

IST 2017: आरके गु्प्ता फिर से बहस में लौटे हैं. वे कहते हैं कि सांसदों पर तमाम तरह के दवाब तो होते हैं लेकिन संसद में कागज़ फाड़ना , बल प्रयोग करना ये निंदनीय है.

IST 2016: राजबीर, हिसार से कहते हैं कि सांसदों का व्यवाहर ठीक नहीं है लेकिन महिलाओं के आरक्षण को लेकर पंचायतों का जायज़ा लेना पड़ेगा, ऐसा ही हुआ तो लोकतंत्र मज़ूबत नहीं होगा.

IST 2015:भागलपुर से मोहम्मद अंसार कहते हैं कि संसद में हल्ला गुला नहीं होना चाहिए.

IST 2014: एक श्रोता कहते हैं कि सांसदो के पैसे से देश के समय का जो नुकसान हुआ उसे पूरा किया जाना चाहिए

IST 2011: बहस का रुख महिला आरक्षण की ओर मुड़ रहा है. राजेशी जोशी फिर से बहस को सांसदों के बर्ताव के मुद्दे पर लेकर आए हैं

IST 2011: वाराणसी से शिव विद्यार्थी सांसदों के व्यवाहर से खुश नहीं है.

IST 2010: प्रदीप देहरादून डॉक्टर गुप्ता की बात से सहमत नहीं है. अमीरों की पत्नियाँ ही शायद कल को संसद में चली जाएँगी.

IST 2009: डॉक्टर आरके गुप्ता फ़ोन के ज़रिए संपर्क में है. उनका कहना है कि संसद में हो हुआ वो अशोभनीय है.

IST 2005: देहरादून से पदमिनी कहती हैं कि संसद में जो कुछ हुआ वो राजनीति के गिरते स्तर का दर्शाता है

IST 2000: लाइव टेक्स्ट के साथमैं हूँ वंदना. नमस्कार..

IST 1958: बीबीसी इंडिया बोल में आपका स्वागत. स्टूडियो में आ चुके हैं राजेश जोशी.

IST 1945: कार्यक्रम में लाइव हिस्सा लेने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-11-7000 पर कॉल करें.

IST 1935: इस बार का विषय हैकिसंसद में महिला विधेयक पर जो बवाल हुआ क्या वो संसदीय गरिमा के अनुकूल है?

IST 1930: बीबीसी इंडिया बोल की ओर से आप सभी का स्वागत. अब से कुछ देर में यानी 30 मिनट बाद हम होंगे आपसे रूबरू...लाइव.