'सरकार प्रायोजित हैकर्स ने चुराए डाटा'

  • 23 सितंबर 2016
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Image caption याहू! का मुख्यालय

दूरसंचार कंपनी वेरीज़ोन इस ख़बर का अध्ययन कर रही है कि इंटरनेट कंपनी याहू! को अपने 50 करोड़ अकाउंटों से जानकारी चोरी होने का पता लगाने में दो साल लग गए.

वेरीज़ोन ने दो महीने पहले ही याहू! को खरीदा है. उसका कहना है कि इस हैकिंग की जानकारी उसे बीते दो दिनों में मिली है. अभी यह साफ़ नहीं है कि इस ख़बर का याहू! और वेरिजोन के सौदे पर क्या असर होगा.

याहू! का कहना है कि दुनिया के सबसे बड़े इस डाटा चोरी के लिए सरकार प्रायोजित हैकर ज़िम्मेदार हैं.

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Image caption वेरीज़ोन ने खरीदी याहू!

याहू! पर दबाव है कि वह बताए कि उसे इस हैकिंग का पता लगाने में दो साल क्यों लग गए.

अमरीकी सीनेट साइबर सुरक्षा कॉकस के सदस्य मार्क वॉर्नर ने याहू! की यह कह कर आलोचना की है कि साल 2014 में हुई इस वारदात की जानकारी इसे समय पर नहीं थी.

याहू! ने माना है कि हैक किए गए डेटा में निजी जानकारियां तो थीं, लेकिन उसका कहना है कि इनमें क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारियां नहीं थीं.

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