सीरिया में रूस की कार्रवाई बर्बरता है- अमरीका

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सीरिया में जारी युद्ध पर चल रही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अमरीका ने रूस पर सीरिया में की जा रही 'कार्रवाई' के बारे में ग़लत जानकारी देने के आरोप लगाए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के लिए अमरीकी राजदूत सैमन्था पावर ने कहा कि सीरिया में रूस की कार्रवाई चरमपंथ विरोधी लड़ाई नहीं बल्कि 'बर्बरता' है.

पावर ने सोमवार को सुरक्षा परिषद की बैठक में बताया कि विद्रोहियों के कब्ज़े वाले पूर्वी अलेप्पो में रूस और सीरियाई सेनाएं ज़मीनी और हवाई हमले कर रही हैं. और कथित तौर पर यहां हाल के दिनों में 150 से अधिक हवाई हमले कर चुके हैं.

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Image caption संयुक्त राष्ट्र के लिए रूसी राजदूत, विटाली चुरकिन

इसके जवाब में रूसी राजदूत, विटाली चुरकिन ने कहा कि सीरिया में शांति बहाल करना लगभग असंभव काम था.

उन्होंने हथियारबंद विद्रोही गुटों पर हाल में लागू हुए संघर्षविराम को तोड़ने का आरोप लगाया.

उधर, सीरिया के प्रतिनिधि ने सुरक्षा परिषद के बताया है कि उनकी सरकारी सेनाएं पूरे अलेप्पो पर दोबारा कब्ज़ा कर लेंगी.

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Image caption संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने सीरिया में बंकर बम के इस्तेमाल को ग़लत कहा है, क्योंकि इससे बेसमेंट ने शरण लेने वाले नागरिकों को ख़तरा होता है.

इससे पहले रविवार को अलेप्पो के बिगड़ते हालात पर चर्चा के लिए ब्रिटेन, फ्रांस और अमरीका ने सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की गुज़ारिश की थी.

बैठक की आरंभ में सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत स्टेफान डी मिस्तूरा ने कहा है कि अलेप्पो में आतंक नई ऊंचाइयों तक पहुंच चुका है.

लेकिन उन्होंने कहा कि अभी भी वहां हिंसा से हट कर राजनीतिक समाधान खोजने की उम्मीद की एक किरण बाकी है.

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Image caption स्टेफान डी मिस्तूरा ने कहा कि सैन्य कार्यवाई के ज़रिए अलेप्पो समेत सीरिया पर जीत पाना लगभग असंभव है.

मिस्तूरा ने मानवीय मदद पहुंचाने की संयुक्त राष्ट्र की मांग को दोहराया और कहा कि अगर सीरियाई सरकार अलेप्पो के इलाकों को जबरन जीतने की कोशिश करेगी तो इससे यह प्राचीन शहर ही बुरी तरह नष्ट होगा.

सीरिया में हाल में लागू हुए संघर्षविराम के टूटने के बाद सीरियाई सरकारी सेना ने अलेप्पो में विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाकों में हवाई हमले तेज़ कर दिए थे.

शनिवार तक इन हमलों में क़रीब 45 लोगों की मौत हो गई थी.

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