कौन हैं कोलंबिया के फार्क विद्रोही?

जनमत संग्रह के बाद खुशी जाहिर करते लोग
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कोलंबिया में हुए जनमत संग्रह में वोटरों ने शांति समझौते को नकार दिया.

कोलंबिया के राष्ट्रपति ख़्वान मानवेल सांतोस ने कहा है कि सरकार और फार्क विद्रोहियों के बीच संघर्ष विराम जारी रहेगा.

हालांकि सरकार और फार्क विद्रोहियों के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते को जनमत संग्रह में वोटरों ने मामूली अंतर से नकार दिया है.

पूर्व राष्ट्रपति एलवारो उरीबे जनमत संग्रह में 'नहीं' के पक्ष में अभियान चला रहे थे.

उनका कहना था कि कोलंबिया के सभी लोग शांति चाहते हैं लेकिन समझौते में सुधार की जरुरत है.

जनमत संग्रह में समझौते के खिलाफ 50.24 फ़ीसदी वोट पड़े.

इस समझौते पर बीते हफ्ते कोलंबिया के राष्ट्रपति सांतोस और फार्क नेता टिमोलियोन फिमेनेस ने दस्तख्त किए थे.

समझौते को लागू करने के लिए कोलंबिया के लोगों की मंजूरी जरूरी थी.

राष्ट्रपति सांतोस ने देश के नाम संबोधन में कहा कि वो नतीजे को मंजूर करते हैं और शांति स्थापित करने के लिए कोशिश जारी रखेंगे.

कौन है फार्क?

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कोलंबिया का सबसे बड़ा विद्रोही समूह है फार्क

द रिवोल्यूशनरी आर्म फोर्सेज़ ऑफ कोलम्बिया यानी फार्क कोलंबिया का सबसे बड़ा विद्रोही समूह है.

फार्क की स्थापना 1964 में हुई. ये कम्यूनिस्ट पार्टी की सशस्त्र शाखा थी. फार्क मार्क्सवादी-लेनिन विचारधारा से प्रेरित है.

फार्क के मुख्य संस्थापक छोटे किसान और श्रमिक थे जो कोलंबिया में उस वक्त असमानता के खिलाफ संघर्ष के लिए एकजुट हुए थे.

फार्क में कुछ शहरी समूह भी थे लेकिन मुख्य रूप से इसकी पहचान ग्रामीण गोरिल्ला संगठन के तौर पर रही है.

सुरक्षा बलों का अनुमान है कि फार्क के पास 6 से 7 हज़ार तक सक्रिय लड़ाके हैं.

सुरक्षा बलों का मानना है कि फार्क के पास करीब 8 हज़ार 500 आमलोगों का समर्थन भी है. जो फार्क का सहयोगी नेटवर्क तैयार करते हैं.

अनुमान के मुताबिक साल 2002 के करीब फार्क के पास 20 हज़ार सक्रिय लड़ाके थे. तब से उनकी संख्या में काफी कमी आई है.

फार्क का गठन

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फार्क के प्रमुख 'दुश्मन' सुरक्षाबलों के जवान रहे हैं.

ऐतिहासिक तौर पर कोलंबिया एक ऐसा देश है जहां बड़े पैमाने पर असमानता रही है. उच्च वर्ग के छोटे से समूह के पास जमीन के बड़े पट्टे हैं.

इसकी वजह ये है कि 19 वीं शताब्दी के आखिर और 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में कोलंबिया सरकार ने अपने ऋण चुकाने के लिए जमीन का बड़ा हिस्सा निजी मालिकों को बेच दिया.

फार्क के संस्थापकों में से कुछ ने टोलिमा प्रांत के मारकीटेलिया में एक कृषि कम्यून (संस्था) गठित की.

1950 के दशक में क्यूबा की क्रांति से प्रेरित होकर उन्होंने ज़मीनों पर ज्यादा अधिकार और नियंत्रण की मांग की.

लेकिन उनकी कम्यूनिस्ट विचारधारा को बड़े जमीदारों और सरकार ने ख़तरे के तौर पर लिया और उनकी संस्था को भंग करने के लिए सेना भेजी गई.

फार्क के मुख्य 'दुश्मन' कोलंबिया के सुरक्षा बल रहे हैं. फार्क के लड़ाके पुलिस स्टेशन, सेना की पोस्ट को निशाना बनाते रहे हैं.

साथ ही उन्होंने तेल पाइपलाइन, बिजली के खंभों, पुलों और सोशल क्लबों को भी निशाना बनाया है.

उनके हमलों में कई आम लोग भी शिकार बने हैं. फार्क के हमलों में कई बच्चों की भी मौत हुई है. फार्क विद्रोहियों ने फिरौती के लिए हज़ारों लोगों को अगवा भी किया है

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फार्क के साथ ऐतिहासिक समझौते के पहले करीब चार साल तक बातचीत हुई.

बीते कुछ सालों के दौरन कोलंबिया के सुरक्षा बलों ने फार्क को बड़ा नुकसान पहुंचाया है.

अमरीकी सरकार की ओर से कोलंबिया की सेना और पुलिस को कई लाख डॉलर की सहायता और ट्रेनिंग मिली है जिसका इस्तेमाल विद्रोहियों से संघर्ष में किया गया.

बीते एक दशक के दौरान फार्क के कई आला नेता मारे गए हैं.

साल 2008 में वरिष्ठ विद्रोही नेता राउल रेयेस एक छापेमार कार्रवाई में मारे गए जबकि फार्क संस्थापक मैनुएल मैरुलांडा की प्राकृतिक वजहों से मौत हो गई.

साल 2011 अल्फोन्सो कानो की भी एक हमले में मौत हो गई.

करीब चार साल तक चली बातचीत के बाद फार्क विद्रोही शांति समझौते के लिए तैयार हुए.