अमरीका ने सीरिया पर रूस के साथ वार्ता निलंबित की

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव

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अमरीका ने सीरिया युद्ध पर रूस के साथ बातचीत को स्थगित कर दिया

अमरीका ने सीरिया युद्ध पर रूस के साथ बातचीत को निलंबित कर दिया है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रूस ने पिछले महीने सीरिया में युद्धविराम के समझौते का पालन नहीं किया है और न ही सीरियाई सरकार को इसके लिए राज़ी कर सका है.

इसके अलावा सीरिया और रूस पर नागरिकों, अस्पतालों और मानवीय सहायता संगठनों को निशाना बनाकर हमले तेज़ करने का भी आरोप अमरीका ने लगाया है.

वहीं रूस के विदेश मंत्रालय ने अमरीका के बातचीत स्थगित करने के फ़ैसले पर अफ़सोस जताया है. रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने अमरीका पर समझौते के शर्तें पूर न करने और सारा इल्ज़ाम रूस पर डालने का आरोप लगाया है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ख़ारोवा ने कहा, " हमें अफ़सोस है कि जिनेवा में बातचीत कर रहे विशेषज्ञ दलों के काम को वॉशिंगटन ने बाधित कर अपने विशेषज्ञों को वापस लेने और कोई झड़प टालने तक ही संपर्क सीमित करने का फ़ैसला किया है. "

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पिछले महीने हुए समझौते के मुताबिक सीरिया में युद्धविराम लागू होना था और इसके सफल होने की स्थिति में अमरीका और रूस जिहादियों को निशाना बनाने के लिए संयुक्त सैन्य सेल बनाने पर सहमत हुए थे.

इससे पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बीबीसी से कहा था कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को अपदस्थ करने की कोशिशों में अमरीका एक जेहादी समूह को बचा रहा है.

वहीं रूस ने अमरीका के साथ रिश्तों में बढ़ती तकरार के बीच हथियारों में इस्तेमाल के लायक अतिरिक्त प्लूटोनियम को नष्ट करने संबंधी एक समझौते को निलंबित कर दिया है.

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रूसी तोपोल जैसी परमाणु मिसाइलों में प्लूटोनियम का इस्तेमाल होता है.

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रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने एक आदेश में अमरीका पर रूस की तरफ़ अमित्रतापूर्ण क़दम उठाकर सामरिक स्थिरता के लिए ख़तरा पैदा करने का आरोप लगाया.

रूस ने समझौते को दोबारा लागू करने के लिए अमरीका के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं जिनमें सितंबर 2000 के बाद सैन्य गठबंधन नैटो में जुड़ने वाले देशों में अमरीका की ताकत कम करने और रूस से सभी प्रतिबंध हटाना शामिल हैं.

2000 में हुए इस समझौते के तहत दोनों देशों को करीब 34 टन प्लूयोनियम को संयंत्रों में जलाकर ख़त्म करना होता है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 68 टन प्लूटोनियम 17 हज़ार परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त होता है.

अप्रैल में रूस ने कहा था कि अमरीका जिस तरह से प्लूटोनियम का निपटान कर रहा था, उससे उसे वापस निकालकर परमाणु हथियार में इस्तेमाल किया जा सकता है.

हालांकि अमरीका ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि निपटान का तरीका समझौते का उल्लंघन नहीं है.

2014 में यूक्रेन से क्राइमिया को अलग करने के बाद रूस के खिलाफ़ अमरीका और यूरोपीय संघ ने कई प्रतिबंध लगाए थे.

पिछले महीने से सीरिया में रूसी और सीरियाई सेना के हमले तेज़ होने के बाद से अमरीका और रूस के बीच तनाव बढ़ गया है.

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