आईएस पर मोसुल में धावा बोल रही है इराक़ी सेना

क्याराह के एयरबेस पर खड़ा एक बख्तरबंद वा

इराक़ी शहर मोसुल को इस्लामिक स्टेट (आईएस) से मुक्त कराने के लिए सोमवार सुबह शुरू हुई इराक़ी सैन्य कार्रवाई के तहत तोप के गोले दागे जा रहे हैं.

प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने टीवी पर प्रसारित संदेश में कहा, ''फ़तह का वक़्त आ गया है और मोसुल को आज़ाद कराने के लिए कार्रवाई शुरू हो गई है.''

उन्होंने कहा, ''आज मैं एलान करता हूं कि फ़तह की ये कार्रवाई आपको दाएश की हिंसा और चरमपंथ से निजात दिलाएगा.''

हमले से पहले शहर में पर्चे गिराकर वहां के निवासियों को हमले की जानकारी दी गई. लड़ाई की घोषणा के बाद तोप से गोले दागे जाने शुरू हुए.

ख़बरों के मुताबिक़ मोसुल को छुड़ाने के लिए शुरू हुई लड़ाई में क़रीब 25 हज़ार सैनिक शामिल हैं. वहीं मोसुल में आईएस के क़रीब आठ हज़ार लड़ाकों के मौज़ूद होने का अनुमान है.

ये सैनिक मोसुल से 60 किलोमीटर दूर स्थित क्याराह शहर के एक एयरबेस पर जमा हुए. इस शहर को इस साल अगस्त में आईएस के कब्ज़े से मुक्त कराया गया है.

मोसुल इराक़ का दूसरा सबसे बड़ा शहर है जिस पर दोबारा नियंत्रण के लिए हमले की योजना कई महीनों से बनाई जा रही थी.

मोसुल पर जून 2014 से ही इस्लामिक स्टेट का नियंत्रण बना हुआ है. इस शहर में क़रीब सात लाख लोग रहते हैं.

वहीं संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि इस पूरी लड़ाई का मानवीय असर बड़ा गंभीर हो सकता है. मोसुल शहर में और आसपास लगभग 12 लाख लोग रहते हैं.

कुर्द पेशमरगा और इराक़ी बलों की इस कार्रवाई को अमरीका के नेतृत्व वाले गठबंधन का सहयोग प्राप्त है जो इराक़ में इस्लामिक स्टेट से लड़ रहा है.

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