'मोसुल के बाद जिहादियों के यूरोप आने का ख़तरा बढ़ेगा'

  • 18 अक्तूबर 2016
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एक ओर इराक़ के मोसुल शहर को इस्लामिक स्टेट के क़ब्ज़े से छु़ड़ाने के लिए इराक़ी सेना का बड़ा अभियान जारी है, वहीं सुरक्षा मामलों के यूरोपीय कमिश्नर ने यूरोप के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है.

सुरक्षा मामलों के यूरोपीय कमिश्नर ने कहा है कि जैसे ही इराक़ी सेनाएँ आईएस के गढ़ मोसुल पर नियंत्रण कर लेती है, वैसे ही यूरोपीय संघ को जिहादियों के बड़ी संख्या में ईयू में आने के लिए तैयार रहना चाहिए.

यूरोपीय कमिश्नर जूलियन किंग ने जर्मन अख़बार डाई वेल्ट से कहा कि ऐसी संभावना नहीं है कि बड़ी संख्या में आईएस के चरमपंथी यूरोप में आएंगे, लेकिन अगर कुछ जिहादी भी आ जाते हैं तो उनसे गंभीर ख़तर हो सकता है.

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उनका कहना था कि 2500 से ज़्यादा यूरोपीय नागरिक आईएस के लिए लड़ रहे हैं. इराक़ी सेना और उसके सहयोगियों ने दूसरे दिन भी मोसुल पर जंग का अभियान जारी रखा है.

सोमवार रात में लड़ाई होती रही और आईएस के लड़ाकों ने इराक़ी सेना के टैंको पर हमले किए.

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Image caption इराक़ में सरकार समर्थित सेनाओं ने मोसुल पर फिर से नियंत्रण के लिए बड़ा अभियान चलाया है.

इराक़ी फ़ौज के साथ मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सेना और मोसुल के बीच लगभग 20 किलोमीटर का फ़ासला बचा है.

तोप के गोलों की आवाज़ सुनी जा रही हैं और एक अमरीकी सैन्य प्रवक्ता ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने हवाई हमले भी किए हैं.

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