आख़िर अमरीकी चुनावों में इन शब्दों का मतलब क्या है?

ट्रंप -हिलेरी

अमरीका में अगले महीने राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं. इस वक़्त वहां चुनाव प्रचार ज़ोरों पर है. पूरी दुनिया की निगाहें इस चुनाव पर लगी हैं. इंटरनेट पर, टीवी पर, अख़बारों में लगातार अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव की ख़बरें आ रही हैं.

मगर कई बार आपको इन ख़बरों की कुछ बातें, कुछ चीज़ें या कुछ लफ़्ज़ समझ नहीं आते होंगे. आप उलझ जाते होंगे कि आख़िर ये है क्या?

तो चलिए सबसे पहले हम आपको अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के कुछ चर्चित शब्दों से रूबरू कराते हैं ताकि आप इन चुनावों की ख़बरों को बेहतर ढंग से समझ सकें और आप इनमें और दिलचस्पी ले सकें.

1. बैलेंसिंग द टिकट (उम्मीदवार का तालमेल)--अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव का उम्मीदवार अपना ''रनिंग मेट'' यानी उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार तय करता है. दोनों का चुनाव साथ होता है.

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अक्सर अपने साथ उप-राष्ट्रपति पद का जो उम्मीदवार या ''रनिंग मेट'' चुनता है, वो ऐसा व्यक्ति होता है जो राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की कमियों को पूरा करे.

मसलन जब 2008 में बराक ओबामा ने राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा तो उन्होंने जोसेफ़ बाइडेन को अपना रनिंग मेट बनाया. ओबामा की छवि एक युवा, नातजुर्बेकार नेता की थी. उन्होंने जोसेफ बाइडेन को चुना ताकि वो उम्र और तजुर्बे की कमी को पूरा कर सकें.

2. बैटलग्राउंड स्टेट (निर्णायक भूमिका निभानेवाले राज्य) -- अमरीका 50 राज्यों से मिलकर बना है. इनमें से ज़्यादातर राज्यों का झुकाव देश के दो प्रमुख दलों - रिपब्लिकन या डेमोक्रैट की तरफ़ होता है.

मगर कुछ राज्य ऐसे हैं जो हर चुनाव में उम्मीदवारों के लिए चुनौती बनते हैं. आख़िरी वक़्त तक वहां ये साफ़ नहीं होता कि वो किस उम्मीदवार के साथ जाएंगे. ऐतिहासिक रूप से फ्लोरिडा, ओहायो और पेंसिल्वेनिया राज्य अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में बैटलग्राउंड स्टेट कहे जाते हैं.

यहां की आबादी के हिसाब से राष्ट्रपति चुनाव में इनके 29,18 और 20 वोट हैं. साल 2000 और 2004 के चुनावों में फ्लोरिडा के वोटों को लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. कहा गया था कि डेमोक्रैट उम्मीदवार अल गोर जीत गए. हालांकि आख़िर में जॉर्ज बुश राष्ट्रपति चुने गए. इस बार भी इन बैटलग्राउंड स्टेट्स पर निगाहें होंगी.

3. बेलवेदर स्टेट (भेड़चाल वाले राज्य)- ये वो राज्य हैं जो आमतौर पर जीतने वाले उम्मीदवार के साथ जाते हैं. माना ये जाता है अमरीका के ये सूबे, पूरे देश की राय की रहनुमाई करते हैं. ये जिस उम्मीदवार के साथ होते हैं, उसकी जीत कमोबेश तय होती है.

4. बेनग़ाज़ी--ये लीबिया का एक शहर है, जिसका इस बार के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में बार-बार ज़िक्र हो रहा है.

2012 में इस्लामिक चरमपंथियों ने यहां एक अमरीकी मिशन पर हमला करके चार अमरीकी नागरिकों को मार डाला था. मारे गए लोगों में अमरीकी राजदूत क्रिस स्टीवंस भी थे. उस वक़्त हिलेरी क्लिंटन अमरीका की विदेश मंत्री थीं.

रिपब्लिकन पार्टी इस घटना को लेकर बार-बार हिलेरी क्लिंटन पर हमले करती रही है. हिलेरी इस बार के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ़ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं.

5. बिल ऑफ राइट्स-ये किसी अमरीकी नागरिक को मिलने वाले संवैधानिक अधिकार से जुड़ा है.

अमरीकी संविधान के पहले दस संशोधनों के ज़रिए हर अमरीकी नागरिक को कुछ बुनियादी हक़ दिए गए थे. बिल ऑफ राइट्स उन्हीं पहले दस संवैधानिक संशोधनों की नुमाइंदगी करते हैं

6. ब्ल्यू स्टेट--ये अमरीका के वो राज्य हैं जो आम तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट करते हैं

7. कैपिटॉल--अमरीकी संसद को कैपिटॉल भी कहा जाता है. अमरीकी संसद दो सदनों से मिलकर बनती है. पहला है निचला सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव और दूसरा है ऊपरी सदन या सीनेट.

8. कॉकस--ये पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं की ऐसी बैठक होती है जिसमें वो ये तय करते हैं कि पार्टी के भीतर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों में से किसका समर्थन करना है.

9. डेलीगेट्स (प्रतिनिधि)--ये रिपब्लिकन या डेमोक्रेटिक पार्टी के वो सदस्य होते हैं जिनके वोट से राष्ट्रपति पद का पार्टी का उम्मीदवार तय होता है.

10. ग्रैंड ओल्ड पार्टी (जीओपी)--अमरीका में रिपब्लिकन पार्टी को आम तौर पर जीओपी या ग्रैंड ओल्ड पार्टी कहते हैं.

11. हार्ड मनी--जब कोई शख़्स किसी ख़ास प्रचार के लिए सीधे पैसे की मदद देता है तो उसे हार्ड मनी कहा जाता है.

12. द हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव--ये अमरीकी संसद का निचला सदन है. इसके सदस्यों की संख्या सीनेट से ज़्यादा होती है.

13. लिबरटेरियन--ये वो लोग होते हैं जो छोटी सरकार चाहते हैं. जो मानते हैं कि ज़िंदगी में सरकार का दखल कम से कम होना चाहिए. ये लोगों को निजता की आज़ादी के समर्थक होते हैं.

इनका मानना होता है कि सरकार को कम से कम टैक्स लगाना चाहिए. सरकार को कम खर्च में काम चलाना चाहिए. कारोबार में सरकार का दखल कम से कम होना चाहिए. लिबरटेरियन आम तौर पर रिपब्लिकन पार्टी को समर्थन देते रहे हैं

14. लॉबिइस्ट--ये वो लोग होते हैं जो पैसे लेकर, किसी ख़ास मक़सद, कंपनी, सरकार या देश के बारे में अमरीकी संसद और सरकार में बेहतर राय बनाते हैं. उसका प्रचार करते हैं.

कई कंपनियां और कई देशों की सरकारें पैसे देकर ऐसे प्रचारकों या लॉबिइस्ट की मदद लेती हैं जो अमरीकी संसद और सरकार में उनकी बातें बेहतर ढंग से रख सकें.

15. ओवल ऑफिस--व्हाइट हाउस के पश्चिमी हिस्से में स्थित ये दफ़्तर अमरीकी राष्ट्रपति का दफ़्तर होता है, इसके बगल में ही अमरीकी राष्ट्रपति का पढ़ने का निजी कमरा होता है.

16. प्रो च्वाइस--ये उन लोगों को कहा जाता है जो गर्भपात के मामले में औरत की आज़ादी के समर्थक हैं. वो ये मानते हैं कि गर्भ रखना है या गर्भपात कराना है ये फ़ैसला औरतों को ही करना चाहिए.

17. प्रो लाइफ़-ये वो लोग हैं जो औरतों को गर्भपात कराने की आज़ादी देने के ख़िलाफ़ होते हैं.

18. पर्पल स्टेट-ये स्विंग स्टेट भी कहे जाते हैं. इनका मतलब है वो राज्य जो किसी भी पार्टी यानी डेमोक्रेटिक या रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में वोट दे सकते हैं.

19. रनिंग मेट--राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार अपने साथ चुनाव लड़ने के लिए जो उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनता है उसे ''रनिंग मेट'' कहते हैं.

20. सेकेंड अमेंडमेंट (दूसरा संविधान संशोधन)--अमरीकी संविधान में 1791 में किया गया ये दूसरा संविधान संशोधन हर अमरीकी नागरिक को हथियार रखने की आज़ादी देता है.

इस संविधान संशोधन के मुताबिक़ अमरीकी नागरिक को हथियार रखने से रोकना उसकी आज़ादी में दखल होगा.

21. सीनेट मैजोरिटी लीडर--अमरीकी संसद के ऊपरी सदन में जिस पार्टी का बहुमत हो, उसका नेता सीनेट मैजोरिटी लीडर कहा जाता है.

22. सीनेटमाइनॉरिटी लीडर--अमरीकी सीनेट में जिस पार्टी के कम सदस्य हों, उसका नेता सीनेट माइनॉरिटी लीडर कहा जाता है.

23. सीनेटर--अमरीकी सीनेट के सदस्य को सीनेटर कहा जाता है. अमरीका के हर राज्य से दो सीनेटर चुने जाते हैं. इनके कार्यकाल के हिसाब से इन्हें जूनियर और सीनियर सीनेटर कहते हैं.

24. सुपर ट्यूज़डे--अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान ये वो दिन होता है, जब तमाम राज्य उम्मीदवार तय करने के लिए पहले दौर की वोटिंग करते हैं. आम तौर पर ये चुनावी साल के फरवरी या मार्च में होता है.

25. स्विंग स्टेट्स--ये अमरीका के वो राज्य हैं जहां पर मतदाता डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के बीच कमोबेश बराबरी में बंटे होते हैं.

इस वजह से दोनों ही दलों के उम्मीदवार इन राज्यों में जमकर प्रचार करते हैं ताकि यहां के मतदाताओं को अपने पक्ष में कर सकें

26. टी पार्टी--ये अमरीकी सियासी आंदोलन, बुनियादी तौर पर राष्ट्रपति ओबामा की नीतियों के ख़िलाफ़ शुरू हुआ था.

राष्ट्रपति बराक ओबामा बहुराष्ट्रीय कंपनियों और अमीरों को बड़े टैक्स और क़ानूनी दायरे में लाने की वक़ालत कर रहे थे. जिसका बहुत विरोध हो रहा था.

टी पार्टी आंदोलन बराक ओबामा की कारोबार में दखलंदाज़ी की इसी नीति के ख़िलाफ़ शुरू हुआ था. बाद में ये बराक ओबामा के सेहत से जुड़े कार्यक्रम ओबामाकेयर का भी विरोध करने लगा.

27. थर्ड पार्टी कैंडीडेट--अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में ये वो उम्मीदवार होते हैं जिनका रिपब्लिकन या डेमोक्रेटिक पार्टी से ताल्लुक़ नहीं होता.

28. ट्रम्प यूनिवर्सिटी--रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प ने दो और लोगों के साथ मिलकर ये यूनिवर्सिटी खोली थी जहां पर रियल स्टेट और ज़मीन-जायदाद के प्रबंधन की पढ़ाई होती थी. ये यूनिवर्सिटी 2005 से 2010 तक चली थी.

आरोप है कि इस संस्थान में कई आर्थिक धांधलियां की गईं. अमरीका के न्यूयॉर्क राज्य की सरकार कथित हेरा-फेरी की जांच कर रही है.

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