इराक़ में 800 आईएस लड़ाके मारने का दावा

  • 27 अक्तूबर 2016
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अमरीकी सेना का कहना है कि उत्तरी इराक़ में चरमपंथी गुट आईएस के ख़िलाफ़ चल रही की अमरीकी कार्रवाई में क़रीब 800 चरमपंथी मारे गए हैं.

ग्यारह दिन पहले शुरू किए गए इस अभियान का मक़सद मोसुल को आईएस के क़ब्ज़े से छुड़वाना है.

मोसुल इस्लामी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का गढ़ माना जाता और अमरीकी गठबंधन इस चढ़ाई में इराक़ी सरकार और कुर्द सैनिकों का समर्थन कर रही है.

ये सैनिक अब मोसुल शहर के काफ़ी क़रीब पहुँच गए हैं.

एक अमरीकी जनरल जोसेफ वोटल ने एएफपी को बताया, '' मोसुल को लेकर डेढ़ हफ्ते पहले शुरू हुए अभियान में हमने अब तक क़रीब 800 से 900 आईएस लड़ाके मारे हैं.''

ये अभियान अब तक मोसुल के आसपास के इलाक़ों और गांवों पर केंद्रित रहा है.

एएफ़पी के मुताबिक आईएस की तरफ से हमले तेज़ हो सकते हैं क्योंकि इराक़ी सेना अब शहर की ओर बढ़ रही है.

अमरीका के अनुसार मोसुल में आईएस लड़ाकों की संख्या 3500 से 5000 तक हो सकती है.

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