'आईएस लड़ाके हथियार डाल दें, वरना मारे जाएंगे'

इराक़ी सेना

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इराक़ की काउंटर टेरिज्म सर्विस (सीटीएस) की टुकड़ियां मूसल से पहले गांव बाज़वाया में दाखिल हो चुकी हैं

इराक़ी सैनिकों के मूसल पर शिकंजा कसने के बीच प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों से हथियार डालने देने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि ऐसा यदि वे आत्मसमर्पण नहीं करते तो उनके सामने सिर्फ़ मौत का विकल्प बचेगा.

उत्तरी इराक़ के एक एयरबेस में मौजूद अल-अबादी ने कहा कि आईएस चरमपंथियों के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा है.

उन्होंने कहा कि इराक़ी फ़ौज चारों तरफ़ से आगे बढ़ रही है और जल्द ही सांप को कुचल दिया जाएगा.

सोमवार को इराक़ी फ़ौज मूसल से महज़ एक किलोमीटर के फ़ासले पर थी, जो इराक़ में जिहादियों का आख़िरी गढ़ है.

इराक़ी सुरक्षा बल अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ मूसल को इस्लामिक स्टेट (आईएस) से मुक्त कराने के लिए कई दिनों से फ़ौजी अभियान चला रहे हैं.

सोमवार को सुबह एक हमला करने के बाद इराकी सेना की काउंटर टेरिज्म सर्विस (सीटीएस) टुकड़ियां इस शहर की सीमा से पहले पड़ने वाले आखिरी गांव बाज़वाया में दाखिल हो चुकी हैं.

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मूसल की सरहद के आखिरी गांव बाज़वाया में इराक़ी सैनिक

इराक़ी सेना के साथ सफ़र कर रहे हैं बीबीसी के एक संवाददाता ने बताया कि वहां इसका कुछ विरोध भी हो रहा है. सैनिकों के इस दल पर कार बम से हमले हो रहे हैं.

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मूसल के आखिरी गांव में इराक़ी सेना का विरोध भी हुआ

इस दौरान इराकी सेना की नवीं डिविजन की यूनिट दक्षिण की तरफ़ आगे बढ़ रही है.

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