ट्रंप और हिलेरी के एक दूसरे पर 'आख़िरी हमले'

  • 5 नवंबर 2016
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अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनावी प्रचार आखिरी दौर में है.

डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के उम्मीदवार वोटरों को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

फ़िलहाल हिलेरी क्लिंटन को अपने प्रतिद्वंदी डोनल्ड ट्रंप पर थोड़ी बढ़त हासिल है.

पिछले हफ़्ते जब अमरीकी जांच संस्था एफ़बीआई ने हिलेरी क्लिंटन की ईमेल जांच फिर से शुरू करने की बात कही तो उसका ऐसा असर हुआ कि हिलेरी क्लिंटन की बढ़त कई अंक नीचे चली गई.

चंद दिन पहले डोनल्ड ट्रंप को एक अंक की बढ़त भी मिल गई थी. लेकिन अब एक सर्वेक्षण के अनुसार हिलेरी को तीन अंक की बढ़त हासिल है.

सर्वेक्षण के अनुसार हिलेरी को 47 प्रतिशत और डोनल्ड ट्रंप को 44 प्रतिशत वोटरों की हिमायत हासिल है.

अब दोनों उम्मीदवार चुनाव में अहम समझे जाने वाले प्रांतों में से एक के बाद एक चुनावी सभाएं कर रहे हैं. इनमें पेन्सिलवेनिया, ओहायो, मिशिगन, न्यूहैंपशेयर भी शामिल हैं.

दोनों उम्मीदवारों की कोशिश यह है कि जिन वोटरों ने अभी तक वोट देने के लिए उम्मीदवार के बारे में मन नहीं बनाया है तो उन्हें अपने खेमे में कर लें.

इसके लिए दोनों उम्मीदवार अपनी चुनावी रैलियों में एक दूसरे की 'खामियों' को उजागर करने में लगे हुए हैं.

हिलेरी क्लिंटन ने पीट्सबर्ग में एक रैली के दौरान ट्रंप के बारे में वोटरों को चेताया.

उनका कहना था, "ज़रा सोचिए कि अगर ट्रंप वॉशिंगटन में राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले रहे हैं और हम जानते हैं वह कैसे इंसान हैं. वह महिलाओं का अपमान करते हैं, मज़दूरों का मज़ाक उड़ाते हैं, अप्रवासियों, मुसलमानों के बारे में अपमानजनक बातें करते हैं. वह सबको जोड़ने के बजाए लोगों में दूरी पैदा करते हैं.ज़रा सोचिए ऐसे इंसान के हाथ में परमाणु बम के कोड देंगे जो छोटी सी बात पर भी भड़क जाते हैं."

वहीं डोनल्ड ट्रंप भी हिलेरी क्लिंटन की 'कमियों' को गिनाते नहीं थक रहे हैं.

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न्यू हैंपशेयर में एक रैली को संबोधित करते हुए डोनल्ड ट्रंप ने कहा, "हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ़ कई आपराधिक मामलों में एफ़बीआई जांच कर रही है. इनमें वह छह लाख 50 हज़ार ईमेल का भी मामला शामिल है. और उनके विदेश मंत्री पद के दौर के मामले भी शामिल हैं. हिलेरी क्लिंटन ने संसद के सामने झूठ बोला था कि उन्होंने सारी इमेल विदेश मंत्रालय के हवाले कर दीं थीं. और अब हम ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रपति बनाएंगे जिसके खिलाफ़ आपराधिक मामले चल रहे हों?"

उधर हिलेरी क्लिंटन खेमे में इस बात पर गुस्सा है कि एफ़बीआई ने चुनाव से इतने नज़दीक इमेल की जांच शुरू करने का ऐलान क्यों किया.

अमरीकी मीडिया में कुछ एफ़बीआई के सूत्रों के हवाले से ऐसी भी खबरें चल रही हैं कि क्लिंटन का निजी ईमेल सर्वर विदेशी हैकरों ने हैक किया गया था. लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

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हिलेरी क्लिंटन की चुनावी सभाओं में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उप राष्ट्रपति जो बाईडन भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं.

लेकिन कांटे की टक्कर वाले इस चुनाव में फिलहाल यह नहीं कहा जा सकता कि दोनों उम्मीदवारों में से किसके पास निर्णायक बढ़त है.

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