एक जोख़िम ने सरबजीत को बना दिया 'हीरो'

  • पूनम तनेजा
  • बीबीसी, साउथ एशियन नेटवर्क
सरबजीत
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सरबजीत अठवाल

एक महिला ने अपनी जान जोख़िम में डालकर ऑनर किलिंग के एक बेहद अहम केस को बेनक़ाब किया था.

उसने इस मामले के बाद अन्य पीड़ितों को मदद पहुंचाने के लिए एक चैरिटी भी बना ली है. सरबजीत अठवाल की देवरानी तलाक़ चाहती थीं इसलिए उन्हें लंदन से भारत लाकर मार दिया गया. सरबजीत को धमकी मिली थी कि वह इस मामले में अपना मुंह बंद रखे लेकिन उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सास को कठघरे में खड़ा किया. सरबजीत की सास को इस मामले में हत्या की साज़िश रचने का दोषी ठहराया गया है.

चार बच्चों की मां सरबजीत अब झूठी शान के नाम पर होने वाली प्रताड़ना के ख़िलाफ़ मुहिम चला रही हैं. उन्होंने साल 1998 के उस वाक़ये को याद करते हुए बताया कि उनकी सास बचन अठवाल ने परिवार के साथ मिलकर देवरानी सुरजीत की भारत में हत्या की योजना तैयार की थी.

सरबजीत ने कहा कि वह इस केस को लेकर बहुत डरी हुई थीं. उन्होंने कहा, ''मैंने इस मामले में पुलिस को सतर्क कर दिया था. इसके साथ ही पुलिस को पत्र लिखकर कहा था कि वह मुझे और मेरी देवरानी को किसी सुरक्षित ठिकाने पर ले जाए. इसके बाद भी पुलिस से कोई मदद नहीं मिली."

बचन अठवाल और उनके बेटे को नौ साल बाद सुरजीत अठवाल की हत्या की साज़िश रचने के मामले में जेल जाना पड़ा.

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बचन अठवाल, सरबजीत और सुरजीत

तीन हफ़्तों के भीतर इस जुर्म को अंजाम दिया गया. दो बच्चों की मां सुरजीत की हत्या कर दी गई. उसे लालच देकर लंदन से भारत लाया गया था. ऐसा माना जाता है कि सुरजीत को बेहोश कर गला घोंटकर मारा गया था. हत्या के बाद शव को रावी नदी में फेंक दिया गया था. इस दौरान सरबजीत अपनी जान को लेकर डरी हुई थीं पर अब वह ऐसे मामलों में पीड़ितों को मदद पहुंचाना चाहती हैं.

सरबजीत ने वेस्टमिंस्टर में 'ट्रू ऑनर' नाम की एक चैरिटी शुरू की है. उन्होंने मुझे बताया कि क्यों उन्हें उम्मीद है कि उनकी चैरिटी लक्ष्य को हासिल करेगी. उन्होंने कहा, ''पुलिस अधिकारियों को इस मामले में ट्रेनिंग देने की ज़रूरत है. इससे उन्हें झूठी शान के नाम पर होने वाली हिंसा और जबरन शादियों को समझने में मदद मिलेगी. उन्हें पता चलेगा कि इस मामले में पीड़ितों की कैसी मुश्किलें होती हैं.''

एक साल पहले प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इंग्लैंड और वेल्स में 43 में से तीन पुलिस बल ही झूठी इज़्ज़त के नाम पर होने वाली हिंसा को समझने और निपटाने में सक्षम हैं. इस चैरिटी के साथ काम कर रहे रिटायर्ड जासूस क्लाइव ड्रिस्कोल ने कहा कि पुलिस की ट्रेनिंग बहुत अहम है. उन्होंने कहा कि अठवाल के कारण अधिकारियों को ऐसे मामलों को समझने में काफ़ी मदद मिलेगी.

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सरबजीत और सुरजीत

सरबजीत इसे लेकर देश भर की यात्रा कर रही हैं ताकि तहमीना (हमने सुरक्षा कारणों से यहां नाम बदल दिया है) जैसी पीड़ितों को मदद पहुंचाई जा सके. तहमीना को जबरन शादी के लिए प्रताड़ित किया गया था. इस मामले में उन्हें मदद के लिए काफ़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था.

सरबजीत ने कहा, ''वे झूठी शान के नाम पर होने वाली हत्या की अवधारणा को नहीं समझते हैं. मेरा मानना है कि ब्रिटेन में ज्यादातर लोग हमारी संस्कृति की अवधारणा से परिचित नहीं हैं. झूठी शान के नाम पर हज़ारों अपराध हो रहे हैं जिनमें अपहरण, बंदी बनाना और हत्याएं भी शामिल हैं."

पिछले कुछ सालों में ब्रिटेन में ऐसे कई मामले सामने आए हैं. हालांकि इनमें ज़्यादातर मामलों की रिपोर्ट दर्ज नहीं होती. सरबजीत अठवाल में इस मामले में बदलाव लाना चाहती हैं. वह इस मामले में पीड़ितों को हर हाल में इंसाफ़ दिलाना चाहती हैं.

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