भारत में नोटबंदी से पाकिस्तानियों के होश उड़े

  • 16 नवंबर 2016
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Image caption 8 नवंबर को 500 और 1000 के नोट वापस लिए जाने का फ़ैसला किया गया.

पाकिस्तान में व्यापारियों के पास 'लगभग 15 करोड़ रुपये से ज्यादा क़ीमत की भारतीय मुद्रा मौजूद हैं' और करेंसी प्रतिबंध के बाद 500 और 1000 के नोट अपनी कीमत के चौथाई से भी कम पर बिक रहे हैं.

मुद्रा बाज़ार के पाकिस्तानी व्यापारियों का कहना है कि इससे उन्हें भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा है.

पाकिस्तान एक्सचेंज कंपनीज एसोसिएशन के महासचिव ज़फर पराचा का कहना है कि इससे कहीं ज्यादा मूल्य के करेंसी नोट पाकिस्तानी जनता के पास मौजूद हो सकते हैं, ख़ासतौर पर वैसे लोगों के पास जो व्यापार या पर्यटन के लिए भारत जाते रहते हैं.

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ज़फर पराचा के अनुसार प्रतिबंध का फ़ैसला अचानक से लिया गया और भारत से बाहर मुद्रा व्यापार से जुड़े लोगों और विदेशों में रह रहे लोगों को नोट चेंज कराने के लिए मुनासिब वक्त नहीं दिया.

वह कहते हैं, "विशेष रूप से बाहर के देशों में रह रहे लोगों और विदेशियों के लिए कुछ समय निर्धारित करना चाहिए था. उन्होंने अपने देश में रहने वालों के लिए तो समय दे दिया जो शायद उचित हो, लेकिन हमारे लिए नहीं दिया."

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ज़फर पराचा का कहना है कि इस समय देश के विभिन्न मनी चेंजर्स के पास 15 करोड़ से अधिक भारतीय मुद्रा मौजूद है जो इस फ़ैसले के बाद अपनी वास्तविक मूल्य की तुलना में चौथाई कीमत पर बिक रही हैं.

उन्होंने बताया, "पहले अगर पाकिस्तानी रुपये की तुलना में भारतीय रुपये की वैश्विक कीमत एक रुपये साठ पैसे या सत्तर पैसे थी तो अब वह अचानक गिरकर पचास पैसे रह गई है. दो दिनों से स्थिति यह है कि इसे कोई नहीं ख़रीद रहा और हम लोग डॉलर के अलावा सारी मुद्रा दुबई एक्सपोर्ट कर डॉलर में बदल लिया करते हैं लेकिन अब दुबई में उसकी मांग नहीं."

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पाकिस्तानी मनी चेंजर्स ने पूरे देश में अपने नुक़सान का अनुमान लगाकर केंद्रीय बैंक से संपर्क करने का फ़ैसला किया है ताकि इस नुक़सान को कम किया जा सके.

भारत ने आरोप लगाया था कि कराची और पेशावर में भारतीय करेंसी के 500 और 1000 वाले जाली नोट छापे जा रहे हैं.

इस मामले में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस ज़कारिया ने कहा कहा 'हमने मीडिया रिपोर्टों को देखा है और यह क़दम भारत में भ्रष्टाचार, अंडरवर्ल्ड का काला धन और जाली मुद्रा कारोबार की वजह से उठाया गया, और पाकिस्तान नहीं बल्कि भारत पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता रहा है जिसके निर्विवाद सबूत पाकिस्तान के पास हैं."

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भारत में नोटबंदी से अफ़रातफ़री मची है.

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