बाघों को पालतू बनाने पर जेल और जुर्माना

  • 5 जनवरी 2017
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संयुक्त अरब अमीरात में शेर और बाघ जैसे खूंखार जानवरों को पालतू बनाना अब गैरकानूनी है.

कई खाड़ी देशों में चीता पालना प्रतिष्ठा का प्रतीक रहा है. दुबई में तो शौकिया तौर पर शेर, चीता और तेंदुआ पालना आम बात है.

लेकिन अब ऐसा करने वालों को जेल हो सकती है या जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.

दरअसल पिछले दिनों बाघ को लेकर सैर पर निकले लोगों ने इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की.

इससे पहले अक्टूबर में दुबई के तट पर कार के पिछले हिस्से में पांच शेरों का एक वीडियो पोस्ट किया गया था.

अधिकारियों को इस बात की चिंता हुई कि इस तरह खुलेआम घूमते जानवर दूसरों की सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकते हैं.

गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक़ 'सभी तरह के जंगली और पालतू बनाए जाने योग्य लेकिन खतरनाक जानवरों को पालना अब गैरकानूनी होगा.'

अब इन जानवरों को यहां केवल चिड़ियाघरों, वाइल्ड पार्कों, सर्कस, ब्रीडिंग और रिसर्च सेंटर में ही रखा जा सकेगा.

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कानून के मुताबिक बाघ तथा दूसरे विदेशी जानवरों को सार्वजनिक जगहों पर ले जाने वालों को छह महीने की जेल और साथ में 500,000 दिरहम (136,000 डॉलर) का जुर्माना होगा.

हालांकि कुत्ते जैसे पारंपरिक पालतू पशुओं के मालिकों पर भी इस कानून का असर पड़ेगा. कुत्तों के मालिकों को भी परमिट लेना होगा और उन्हें सार्वजनिक जगहों पर अपनी निगरानी में रखना होगा.

ऐसा नहीं करने वालों को 100,000 दिरहम जुर्माना देना होगा. उन लोगों को भी इतना ही जुर्माना देना होगा जिन्होंने अपने कुत्तों को खतरनाक बीमारियों से बचाने वाले इंजेक्शन नहीं लगवाए.

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