काबुल में दो धमाके, 30 की मौत, 80 ज़ख्मी

  • 11 जनवरी 2017
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काबुल में अधिकारियों का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान की संसद के पास हुए दो धमाकों में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है और क़रीब 80 लोग घायल हुए हैं.

हमला उस वक़्त हुआ जब इस इलाके में काफी भीड़ थी और लोग काम ख़त्म कर संसद परिसर से निकल रहे थे.

धमाके के कुछ मिनट बाद ही तालिबान ने हमले की ज़िम्मेदारी ले ली और कहा है वो राष्ट्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी की एक गाड़ी को निशाना बना रहे थे.

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हमले में आम नागरिकों और अधिकारियों समेत सुरक्षा बल के कई सदस्य भी मारे गए हैं.

रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि पहले धमाके को एक आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया था जबकि दूसरा धमाका एक कार बम में विस्फोट से हुआ.

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राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने कहा है कि इन "आपराधिक हमलों" को अंजाम देने वाले सभी लोगों को पकड़ा जाएगा. एक बयान में उन्होंने कहा, "तालिबान ने बेशर्मी से नागरिकों पर हुए इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और उन्हें इस पर गर्व है."

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अफ़गानिस्तान में सूत्रों के हवाले से ख़बर मिल रही है कि नेशनल डायरेक्टरेट ऑफ़ सिक्यूरिटी के प्रमुख इन हमलों में मारे गए हैं. ये देश की प्रमुख ख़ुफ़िया एजेंसी है.

इससे पहले देश की हेलमंद प्रांत की राजधानी लश्कर गाह में तालिबान के एक आत्मघाती हमलावर ने एक गेस्टहाउस को निशाना बनाया था जिसका इस्तेमाल ख़ुफ़िया विभाग के एक अधिकारी कर रहे थे.

इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हुए थे.

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इसके बाद कंधार प्रांत के गवर्नर के गेस्टहाउस में तीन बम धमाके हुए. गेस्टहाउस में अफ़गानिस्तान में संयुक्त अरब अमीरात के दूत समेत कुछ और विदेशी अधिकारी ठहरे थे.

पुलिस के अनुसार इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, हालांकि कुछ लोगों को चोटें आई थीं. इस हमले की ज़िम्मेदारी किसी ने नहीं ली थी.

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