पकड़ ढीली हो रही है इस्लामिक स्टेट की

मोसुल में इस्लामिक स्टेट

इमेज स्रोत, Reuters

ताज़ा विश्लेषण के मुताबिक तथाकथित इस्लामिक स्टेट ने 2016 में अपने क़ब्ज़े वाला एक चौथाई इलाक़ा गंवा दिया है.

सुरक्षा विश्लेषक समूह आईएचएस मार्केट के मुताबिक़ बीते साल आईएस ने क़रीब 18 हज़ार वर्ग किलोमीटर का इलाक़ा खो दिया है.

फिलहाल इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण में क़रीब 60 हज़ार वर्ग किलोमीटर का इलाक़ा है.

वीडियो कैप्शन,

इस्लामिक स्टेट के ईसाईयों पर अत्याचार

आईएचएस मार्केट के मुताबिक इस साल के मध्य तक इराक़ी सुरक्षाबल मोसुल पर भी क़ब्ज़ा कर लेंगे.

समूह के मुताबिक़ इस्लामिक स्टेट के गढ़ रक़्क़ा पर फिर से नियंत्रण करना काफ़ी मुश्किल साबित होगा.

इमेज स्रोत, Reuters

आईएचएस के विश्लेषण के मुताबिक़ 2016 में आईएस ने क़रीब 23 प्रतिशत इलाक़ा गंवाया जबकि 2015 में इस चरमपंथी समूह ने अपने नियंत्रण वाला 14 प्रतिशत इलाक़ा गंवाया था.

ऑएचएस कंफ्लिक्ट मॉनिटर के वरिष्ट विश्लेषक कोलंब स्ट्राक के मुताबिक, "2016 में इस्लामिक स्टेट को अभूतपूर्व नुक़सान हुआ जिसमें उसने अपने कई बेहद अहम इलाक़े भी गंवा दिए."

वहीं दिसंबर में इस्लामिक स्टेट ने प्राचीन शहर पलमाइरा पर फिर से नियंत्रण कर लिया. इस दौरान सीरियाई सैन्यबल अलेप्पो पर क़ब्ज़े की कार्रवाइयों में घिरे थे.

वहीं इराक़ के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसुल में भी इराक़ी सैन्यबल तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं. ये शहर 2014 से इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण में है.

इमेज स्रोत, Reuters

सैन्यबलों ने शहर के पूर्वी ज़िले में अहम बढ़त हासिल की है. स्ट्राक के मुताबिक, "हमें उम्मीद है कि इस साल के मध्य तक इराक़ी सैन्यबल मोसुल पर क़ब्ज़ा कर लेंगे."

मोसुल के बाद इराक़ी सैन्यबल अपना ध्यान हाविजा पर लगाएंगे जहां से चरमपंथी बग़दाद पर आत्मघाती हमले करते हैं.

अपनी रिपोर्ट में आईएचएस कंफ्लिक्ट मॉनिटर ने कहा, "राजनीतिक और सैन्य विषमताओं को ध्यान में रखते हुए रक़्क़ा पर क़ब्ज़ा करना मुश्किल साबित होगा."

नवंबर में अमरीका समर्थक कुर्द और अरब लड़ाकों के गठबंधन ने कहा था कि उसने रक़्क़ा पर क़ब्ज़े के लिए अभियान शुरू कर दिया है.

लेकिन इस अभियान की प्रगति रूक गई है.

आईएचएस के रिपोर्ट के मुताबिक़ इस्लामिक स्टेट के भीतर भी वैचारिक गतिरोध पैदा हो रहा है जो आंतरिक टूट का कारण भी बन सकता है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)