सीरिया में रासायनिक हमले की बात 100 फ़ीसदी झूठी: असद

वीडियो कैप्शन,

सीरिया : राष्ट्रपति असद का इंटरव्यु

सीरिया के इदलिब प्रांत के ख़ान शेख़ौन में रासायनिक हमले के आरोपों से घिरे सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने कहा है कि रासायनिक हथियारों के आरोप सौ फ़ीसदी मनगढ़ंत हैं.

विद्रोहियों के नियंत्रण वाले ख़ान शेख़ौन में चार अप्रैल को हमले में 80 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी. प्रभावित लोगों में जो लक्षण पाए गए थे वो नर्व गैस की ओर इशारा करते हैं

इमेज स्रोत, AFP

समाचार एजेंसी एएफ़पी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है, '' किसी ने भी इस बात की जांच नहीं की है कि ख़ान शेख़ौन में उस दिन क्या हुआ था. ख़ान शेख़ौन अल नुसरा फ्रंट के नियंत्रण में है, अल नुसरा फ्रंट चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा का साथी है, तो वहां से जो जानकारी आ रही है वो अल-क़ायदा की तरफ़ से आ रही है. किसी के पास कोई और जानकारी नहीं है. ''

असद ने कहा, ''जो वीडियो और तस्वीरें सामने आ रही हैं वो सही हैं या नहीं इसकी जानकारी नहीं है. इसलिए हमने ख़ान शेख़ौन हमले की जांच की मांग की है.''

सीरियाई राष्ट्रपति ने कहा कि हमले के लिए कोई निर्देश नहीं दिया गया था.

रूस ने सीरिया के बचाव में कहा था कि विद्रोहियों ने जिस गोदाम में रासायनिक हथियार रखे थे वहां पर बमबारी की गई थी.

इमेज स्रोत, Reuters

इस हमले से प्रभावित लोगों को तुर्की के अस्पतालों में भेजा गया था और तुर्की ने दावा किया था कि नर्व एजेंट सारीन गैस के इस्तेमाल के पुख़्ता सबूत मिले हैं.

वीडियो फुटेज में लोगों के मुँह से झाग निकल रही थी और इसमें बच्चे भी शामिल थे.

इंटरव्यू में असद ने कहा कि 2013 में सीरियाई सेना ने रासायनिक हथियार नष्ट कर दिए थे और अगर कोई हथियार बचे भी हैं तो उसका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

असद ने अमरीका पर चरमपंथियों से मिले होने का आरोप लगाया.

ख़ान शेख़ौन में कथित रासायनिक हमले के बाद अमरीका ने सीरिया के अल शायरात एयर बेस पर मिसाइलों से हमला किया था. अमरीका का कहना है कि इसी एयर बेस से ही रासायनिक हमले के लिए विमानों ने उड़ान भरी थी.

इमेज स्रोत, AFP

असद ने कथित रासायनिक हमले से जुड़े वीडियो फ़ुटेज पर सवाल उठाते हुए कहा, " पहले सोशल मीडिया और टीवी पर नाटक इन लोगों ने पेश किया , उसके बाद प्रचार और फिर सैन्य हमला. "

उन्होंन आरोप लगाया कि ये सब इसलिए किया गया ताकि उन्हें हमले का बहाना मिल सके.

उन्होंने कहा कि इदलिब प्रांत के ख़ान शेख़ौन इलाके की समारिक अहमियत नहीं है और न ही यहां पर लड़ाई चल रही है और जो कहानी गढ़ी गई है वो ठोस नहीं लग रही.

इससे पहले भी सीरिया पर रासायनिक हमले के आरोप लग चुके हैं, असद ने कहा कि सीरिया ने कभी रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया है.

सीरिया में छह साल से चल रहे गृहयुद्ध में तीन लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)