अफ़गानिस्तान में गिराया गया बम दुनिया का सबसे बड़ा बम नहीं है

दुनिया के सबसे बड़े बम

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अमरीका ने अफ़गानिस्तान में 'सबसे बड़ा बम' (Mother of all Bombs) गिराकर दुनिया को हैरानी में डाल दिया है.

अमरीकी सेना ने कहा कि उन्होंने पहली बार अपना अब तक का सबसे बड़ा नॉन-न्यूक्लियर बम गिराया है.

GBU-43/B नाम के इस बम को 'मदर ऑफ़ ऑल बॉम' के नाम से जाना जाता है.

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इस्लामिक स्टेट पर अमरीका ने गिराया था ये बम

इसे सबसे पहले 2003 में टेस्ट किया गया था लेकिन इसका इस्तेमाल पहले कभी नहीं हुआ.

सबसे ज़्यादा तबाही मचाने के लिए परमाणु बमों को जाना जाता है लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे गैर-परमाणु बम हैं, जिन्हें महाबम कहा जा सकता है.

इनकी ताक़त के बारे में जानकर आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि जब इन्हें कभी इस्तेमाल किया गया या जाएगा तो मचने वाली तबाही

1. मदर ऑफ़ ऑल बॉम्ब (GBU-43/B)

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यह 30 फुट (9 मीटर) लंबा और 9800 किलोग्राम वज़नी होता है. यह जीपीएस से संचालित होता है. इसे एक MC-130 ट्रांसपोर्ट प्लेन के कार्गो डोर से फेंका गया है. ज़मीन पर गिरते ही यह बम फटता है. एमओएबी एयरक्राफ्ट के ज़रिए एक पैलेट से गिराया जाता है.

गिराते वक़्त इसे पैराशूट से झटका दिया जाता है ताकि वह खिसक जाए. इसे फोर ग्रिड फिन से दिशानिर्देशित किया जाता है. इसका मुख्य असर भयावह धमाके के गुबार के रूप में होता है. यह हर दिशा में एक मील तक फैल जाता है. इसे 18,000 एलबी टीएनटी से बनाया गया है. बम में एल्यूमीनियम का पतला आवरण होता है.

2. बंकर-बस्टर (MOP)

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ये अमरीकी सेना का सबसे बड़ा ग़ैर-परमाणु बम है. ये ख़िताब जाता है मैसिव ऑर्डिनेंस पेनिट्रेटर यानी एमओपी को जिसे बंकर-बस्टर भी कहा जाता है. इसका वज़न 14000 किलोग्राम और लंबाई 20.5 फ़ुट के क़रीब बताई जाती है.

बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक ये दुनिया का सबसे बड़ा गैर-परमाणु हथियार है जिसे ज़मीन के भीतर की लोकेशन और बंकरों को निशाना बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. ये बी-2 बॉम्बर से छोड़ा जाता है और सुपरसोनिक रफ़्तार से ज़मीन से टकराता है. ये बम 200 फ़ुट गहराई तक जा सकता है और 60 फ़ुट कंक्रीट तोड़ सकता है.

3. फ़ादर ऑफ़ ऑल बॉम्ब (ATBIP)

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हाइड्रोजन बम (फ़ाइल फ़ोटो)

विशालकाय और विनाशकारी बम बनाने में सिर्फ़ अमरीका आगे नहीं है. रूस भी इस दौड़ में शामिल है. और उसका बनाया एविएशन थर्मोबैरिक बॉम ऑफ़ इंक्रीज़्ड पावर (ATBIP) काफ़ी कड़ा मुक़ाबला पेश करता है. इसे फ़ादर ऑफ़ ऑल बॉम्ब यूं ही नहीं कहा जाता.

वॉर हिस्ट्री ऑनलाइन के मुताबिक रूसी जनरल स्टाफ के डिप्टी चीफ़ ने इस बम के बारे में कहा था, ''जो भी जीवित है, वो भाप बनकर उड़ जाएगा.'' एफओएबी एक तरह से फ्यूल-एयर बम है. तकनीकी रूप से इसे थर्मोबैरिक हथियार के रूप में जाना जाता है. इसका वज़न 7100 किलोग्राम होता है और इसमें 40 टन टीएनटी इस्तेमाल होता है.

4. जीबीयू-28 हार्ड टारगेट पेनेट्रेटर

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हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक इज़रायल और दक्षिण कोरिया की वायु सेनाओं के पास 2300 किलोग्राम वज़न वाले जीबीयू-28 बंकर बस्टर बम हैं जो उन्हें अमरीका से मिले हैं. ये बम साल 1991 अमरीकी वायु सेना ने इराक़ी बंकरों, सैन्य ठिकानों और सामरिक केंद्रों को बर्बाद करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी.

जीबीयू-28 पेववे III बम के वैरिएंट हैं, जो छह मीटर मोटी कंक्रीट में सुराख कर सकते हैं.

5. स्पाइस बम

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अब बात भारत के सबसे ताक़तवर गैर-परमाणु बम की. इसरायल में बना स्मार्ट प्रिसाइज़ इम्पैक्ट एंड कॉस्ट इफेक्टिव भारतीय वायु सेना के ज़ख़ीरे में सबसे बड़ा पारंपरिक बम है. इसे रफ़ेल एडवांस्ड डिफ़ेंस सिस्टम्स लिमिटेड ने बनाया है और फ्रांस में बने मिराज 2000 लड़ाकू विमानों से गिराया जा सकता है.

इसका वज़न करीब 900 किलोग्राम है. इसके अलावा चीन के पास 250 से 1350 किलोग्राम वज़नी वाले बम बताए जाते हैं.

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