आईएस का दावा 'अमरीकी हमले में कोई नुक़सान नहीं'

बड़ा अमरीकी बम

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2003 में परीक्षण के लिए लाया जा रहा एक बड़ा अमरीकी बम

अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अमरीका के 'मदर ऑफ़ ऑल बॉम्ब्स' कहे जा रहे हथियार से किए गए हमले में तथाकथित इस्लामिक स्टेट गुट के 36 चरमपंथी मारे गए हैं और उनका ठिकाना ध्वस्त हो गया है.

मगर इस्लामिक स्टेट की समर्थक एजेंसी 'अमाक' पर जारी किए गए एक बयान में इस हमले में आईएस को किसी भी तरह का नुक़सान होने से इनकार किया गया है.

अमरीका ने शुक्रवार को अफ़ग़ानिस्तान के नंगरहार में अपना अब तक का सबसे बड़ा ग़ैर-परमाणु बम गिराया था.

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अमरीका ने हमले को सही बताया

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना के प्रमुख जनरल जॉन निकॉल्सन ने कहा है कि ये बम पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में स्थित चरमपंथियों के ठिकाने के लिए सबसे मुफ़ीद हथियार था.

उन्होंने कहा कि इस हमले में 300 मीटर लंबी सुरंग और गुफाओं का नेटवर्क ध्वस्त कर दिया गया है.

जनरल निकॉल्सन ने कहा कि घटनास्थल पर अमरीकी सुरक्षाबल मौजूद हैं और आम नागरिकों के हताहत होने के सबूत और ख़बरें नहीं मिली हैं.

अफ़ग़ानिस्तान के चीफ़ एक्जेक्यूटिव अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह ने पुष्टि की है कि ये हमला उनकी सरकार के साथ तालमेल से किया गया और इसमें 'आम नागरिकों को किसी भी तरह का नुक़सान नहीं होने देने के लिए काफ़ी ध्यान रखा गया'.

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