ट्रंप माँगेगे एच1बी वीज़ा कार्यक्रम में सुधार पर सुझाव

  • ब्रजेश उपाध्याय
  • बीबीसी संवाददाता, वॉशिंगटन
अपनी पत्नी के साथ डोनल्ड ट्रंप.

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अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप मंगलवार को एक आदेश जारी करने जा रहे हैं जिसके तहत सरकारी विभागों से एच1बी वीज़ा कार्यक्रम में सुधार के सुझाव मांगे जाएंगे.

साथ ही सरकारी सामानों की खरीदारी में अमरीका में निर्मित वस्तुओं की बिक्री बढ़ाने के लिए भी एक आदेश जारी किया जाएगा.

व्हाइट हाउस के दो अधिकारियों के अनुसार ये दोनों आदेश ट्रंप के "बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन (Buy American, Hire American) नीति के तहत जारी किए जा रहे हैं.

कामगारों के हित

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एच1बी से जुड़े ट्रंप के आदेश में श्रम, न्याय, गृह और विदेश मंत्रालय से कहा जाएगा कि वो अमरीकी आप्रवासन तंत्र में चल रही "धांधली" को रोकने के लिए कदम उठाएं जिससे अमरीकी कामगारों के हितों की रक्षा हो सके.

इस आदेश में ये भी कहा जाएगा कि वो ऐसे सुधार लाएं जिसके तहत ये सुनिश्चित किया जा सके कि एच1बी वीज़ा सबसे ज़्यादा दक्षता या सबसे ज़्यादा वेतन पाने वाले आवेदकों को ही मिले.

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अमरीका में काफ़ी समय से ये बहस चल रही है कि एच1बी वीज़ा क़ानून का ग़लत इस्तेमाल हो रहा है और और ख़ासतौर से भारत से बेहद कम वेतन पर लोगों को लाकर अमरीकी नागरिकों को नौकरियों से वंचित किया जा रहा है.

अमरीकी सरकार हर साल 65,000 एच1बी वीज़ा लॉटरी के ज़रिए जारी करती है. लेकिन कई आउटसोर्सिंग कंपनियों की इस बात के लिए आलोचना हो रही है कि वो भारी संख्या में वीज़ा आवेदन डालती हैं और ज़्यादा से ज़्यादा वीज़ा हासिल करके टेक्नॉलॉजी से जुड़ी निचले स्तर की नौकरियों में अपने लोगों को भर देती हैं.

अमरीकी आप्रवासन विभाग के अनुसार इस बार एच1बी वीज़ा आवेदकों की संख्या में 2016 के मुकाबले बड़ी गिरावट आई है. पिछले साल दो लाख छत्तीस हज़ार लोगों ने इसके लिए आवेदन पत्र भरे थे जबकि इस बार ये संख्या एक लाख निन्यानबे हज़ार थी.

अंदाज़ा है कि वीज़ा नियम में इन बदलावों से कई भारतीय कंपनियों को ख़ासा नुकसान हो सकता है.

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