नवाज़ शरीफ़, उनकी बेटी और दामाद पर कोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में आरोप तय किया

  • 19 अक्तूबर 2017
पाकिस्तान इमेज कॉपीरइट AFP/NA

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ पर इस्लामाबाद की एक विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार मामले में आरोप तय किया.

इस्लामाबाद कोर्ट ने नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम और उनके दामाद रिटायर्ड कैप्टन मोहम्मद सफ़दर पर भी आरोप तय किया है.

इन तीनों पर कोर्ट ने लंदन में फ्लैट्स के एक मामले में आरोप तय किए हैं. ये आरोप गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान तय किए गए.

बीबीसी उर्दू के इस्लामाबाद संवाददाता शहज़ाद मलिक ने बताया कि ऐसी चर्चा है कि भ्रष्टाचार के दो अन्य मामलों में भी आरोप गुरुवार को ही तय किए जा सकते हैं.

67 साल के नवाज़ शरीफ़ को जुलाई महीने में सुप्रीम कोर्ट ने अज्ञात स्रोतों से अघोषित आय के मामले में प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य ठहरा दिया था. इसके बाद नवाज़ शरीफ़ को प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

सुप्रीम कोर्ट से अयोग्य ठहराए जाने के बाद नवाज़ शरीफ़ ने दिया इस्तीफ़ा

पाकिस्तानी फ़ौज के इस्लामीकरण का किसे फ़ायदा हुआ?

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
पनामा पर फ़ैसला

कोर्ट के इस फ़ैसले पर मरियम नवाज़ ने कहा कि वो भागने वालों में से नहीं हैं. मरियम ने कहा, ''हम वो लोग हैं जो बाहर से मुल्क आए हैं. हम इंसाफ़ की प्रक्रिया में शामिल होने आए हैं. हमलोग कोर्ट और क़ानून का सम्मान करते हैं. हमारे लिए अदालतें कोई नई बात नहीं हैं.''

नवाज़ शरीफ़ अभी ब्रिटेन में हैं. इससे पहले नवाज़ शरीफ़, मरियम और सफ़दर ने कोर्ट में आरोप तय किए जाने को ख़ारिज करने की अपील की थी, जिसे अदालत ने नकार दिया.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
सत्तर साल में लोकतंत्र की गाड़ी कुछ तो खिसकी

शहज़ाद मलिक के मुताबिक़ गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान मरियम नवाज़ और उनके पति कैप्टन मोहम्मद सफ़दर मौजूद थे. वहीं नवाज़ शरीफ़ की तरफ़ के उनके वकील ज़फर ख़ान मौजूद थे.

इस्लामाबाद स्थित संवाददाता के अनुसार कोर्ट के जज मोहम्मद बशीर ने आरोप तय करने की घोषणा की तो मरियम, सफ़दर और नवाज़ के वकील ने ख़ुद को बेकसूर बताया. इन्होंने भेदभाव का भी आरोप लगाया और कहा कि उनकी इंसाफ़ की लड़ाई जारी रहेगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे