उर्दू प्रेस रिव्यूः 'हमारे लिए तो अल्लाह ही काफ़ी है'

  • 22 अक्तूबर 2017
मरियम शरीफ़ इमेज कॉपीरइट MARYAM SHARIF
Image caption नवाज़ शरीफ़ और मरियम शरीफ़

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और उनके परिवार से जुड़े लोगों पर चल रहा मुक़दमा ही सुर्ख़ियों में रहा.

भ्रष्टाचार के मामले की जांच कर रही नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) की विशेष अदालत ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़, उनकी बेटी मरियम नवाज़ और दामाद (रिटायर्ड) कैप्टन मोहम्मद सफ़दर पर आरोप तय कर दिए हैं.

नवाज़ शरीफ़ और उनके परिवार के लोगों पर लंदन में फ़्लैट्स ख़रीदने के मामले में आरोप तय किए गए हैं. इसके अलावा नवाज़ शरीफ़ पर आय से अधिक संपत्ति के दो और मामले में आरोप तय किए गए हैं.

नैब अधिकारियों ने अदालत को बताया कि वो नवाज़ शरीफ़ के दोनों बेटों हसन नवाज़ और हुसैन नवाज़ को गिरफ़्तार नहीं कर सके जिसके बाद अदालत ने दोनों को भगौड़ा क़रार दिया है.

नवाज़ शरीफ़, उनकी बेटी और दामाद पर कोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में आरोप तय किया

सुप्रीम कोर्ट से अयोग्य ठहराए जाने के बाद नवाज़ शरीफ़ ने दिया इस्तीफ़ा

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Image caption कुलसुम नवाज़ और उनकी बेटी मरियम नवाज़

नवाज़ शरीफ़ की पत्नी कुलसुम नवाज़ बीमार हैं और उनका इलाज कराने के लिए नवाज़ शरीफ़ इन दिनों लंदन में हैं.

सुनवाई के दौरान उनकी बेटी मरियम नवाज़ और दामाद (रिटायर्ड) कैप्टन मोहम्मद सफ़दर अदालत में मौजूद थे.

इसी साल जुलाई में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाते हुए नवाज़ शरीफ़ को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने के अयोग्य क़रार दिया था. अदालत के इस फ़ैसले के बाद उन्हें प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

प्रमुख विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने नवाज़ शरीफ़ पर हमला करते हुए उनकी तुरंत गिरफ़्तारी की मांग की है.

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Image caption आसिफ़ अली ज़रदारी

अख़बार जंग के मुताबिक़, लाहौर में पत्रकारों से बात करते हुए ज़रदारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शरीफ़ परिवार पर इतने गंभीर मुक़दमे दर्ज किए गए हैं, फिर भी ये लोग दनदनाते फिर रहे हैं.

ज़रदारी के अनुसार इस मामले में समझौते के लिए नवाज़ शरीफ़ लंदन से उन्हें ख़ुफ़िया संदेश भेज रहे हैं लेकिन उन्होंने ऐसी तमाम पहल को ख़ारिज कर दिया है.

ज़रदारी ने तंज़ करते हुए कहा, "मुग़ल बादशाह को पता होना चाहिए कि क़ौम उनसे आज़ादी चाहती है."

मुस्लिम लीग (नवाज़) की केंद्र सरकार और नैब के काम करने के तरीक़े की आलोचना करते हुए ज़रदारी ने कहा, "हमें तो पहले गिरफ़्तार किया जाता था, फिर केस ढूंढे जाते थे. उनके ख़िलाफ़ तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुक़दमे दर्ज हुए हैं."

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एक और विपक्षी नेता और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के प्रमुख इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र की बेहतरी के लिए मुस्लिम लीग (नवाज़) पार्टी का होना ज़रूरी है, भ्रष्ट ख़ानदान का होना ज़रूरी नहीं.

अख़बार दुनिया के अनुसार, एक इंटरव्यू में इमरान ख़ान ने कहा कि अदालत में चल रहे मुक़दमों के कारण आम चुनाव को नहीं टाला जाना चाहिए.

उन्होंने ये भी घोषणा कर दी कि वो लाहौर और मियांवाली दो संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे.

इमरान ख़ान पर भी अदालत में मुक़दमा चल रहा है जिसमें संसद में उनकी सदस्यता को ख़त्म किए जाने पर फ़ैसला होना है.

अख़बार के अनुसार, इमरान ख़ान ने कहा कि अगर अदालत से उन्हें अयोग्य क़रार दिया जाता है तो वो अपनी पार्टी के अध्यक्ष नहीं बनेंगे.

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Image caption मरियम शरीफ़

लेकिन नवाज़ शरीफ़ की पार्टी ने उन पर लगे सारे आरोपों को ख़ारिज करते हुए इसे साज़िश क़रार दिया है.

नवाज़ शरीफ़ की बेटी और पार्टी की वरिष्ठ नेता मरियम नवाज़ ने नैब अदालत के ज़रिए आरोप तय किए जाने को तानाशाही क़रार दिया.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के मुताबिक मरियम नवाज़ ने ट्वीट किया जिसमें अदालती फ़ैसले की बात शेयर की. उन्होंने लिखा है कि नवाज़ शरीफ़ पर आरोप तय किए जाने की ख़बर सुनकर 1999 का तानाशाही दौर याद आ गया.

मरियम नवाज़ के अनुसार 1999 में वो अपनी मां के साथ पेशावर में एक जलसे में थी तो ऐसी ही एक ख़बर आई थी.

उन्होंने आगे लिखा है, "आग कुंदन बनाती है. आज़माइश बहादुर का इम्तिहान होती है. हमारे लिए अल्लाह ही काफ़ी है."

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