1963 में आख़िरी बार फूटा माउंट आगुंग फिर सक्रिय

  • 27 नवंबर 2017
बाली इमेज कॉपीरइट Reuters

इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर माउंट आगुंग ज्वालामुखी से राख हवा में 4 हज़ार मीटर (13,100 फ़ुट) ऊपर उठने के बाद विमान कंपनियों को 'रेड वॉर्निंग' जारी की गई है.

इस सप्ताह इंडोनेशिया के किसी द्वीप पर यह दूसरी घटना है जब ज्वालामुखी से राख निकली है और हवाई उड़ानों में बाधा आई है.

रेड वॉर्निंग जारी किए जाने का मतलब होता है कि ज्वालामुखी में राख के साथ विस्फ़ोट होने की आशंका है.

इंडोनेशिया में नंगे क्यों रहते हैं ये लोग?

26 फ़ीट लंबे अजगर को मारा, तलकर खाया

इंडोनेशिया: समलैंगिकता के आरोप में सरेआम कोड़े

इमेज कॉपीरइट EPA

राख फ़ैलने के बाद प्रशासन कुछ इलाकों में मास्क बांट रहा है.

बाली एक प्रमुख पर्यटन स्थल है. हालांकि, बाली के आकर्षण के केंद्र कुटा और सेमिनयाक जैसे इलाके ज्वालामुखी से तकरीबन 70 किलोमीटर दूर हैं.

द्वीप का मुख्य एयरपोर्ट सामान्य तरीके से काम कर रहा है, लेकिन कुछ विमान कंपनियों ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं. ज्वालामुखी की राख विमान के इंजन ख़राब कर सकती हैं.

इमेज कॉपीरइट Reuters

राख के बादल बाली से लोम्बोक द्वीप की ओर बढ़ रहे हैं, जहां मुख्य अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया है.

इंडोनेशिया की आपदा निवारण एजेंसी ने बताया है कि माउंट आगुंग के इलाके को छोड़कर बाली में पर्यटन सुरक्षित है.

एजेंसी ने लोगों से 7.5 किलोमीटर के इलाके को खाली करने को कहा है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

इस साल 1 लाख 40 हज़ार लोगों द्वारा इलाक़ा छोड़ देने के बाद तकरीबन 25 हज़ार लोग अस्थायी घरों में रह रहे हैं. सितंबर के आख़िर में लोगों से कहा गया था कि वह घर वापस आ जाएं.

प्रशासन का मानना है कि इसके कारण पर्यटन और उत्पादन में बाली द्वीप को 110 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

इंडोनेशिया एक प्रकार से ज्वालामुखियों का घर है जहां 130 सक्रिय ज्वालामुखी हैं.

आख़िरी बार माउंट आगुंग 1963 में फूटा था जिसके कारण 1,000 लोगों की जान गई थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए