'हिंदुस्तान ज़िंदाबाद' लिखने पर पाकिस्तानी गिरफ़्तार

  • 4 दिसंबर 2017
भारत इमेज कॉपीरइट Getty Images

पाकिस्तान के हरिपुर में अपने घर की दीवार पर 'हिंदुस्तान ज़िंदाबाद' लिखने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.

पुलिस के मुताबिक, एक माचिस फैक्ट्री में काम करने वाले 20 साल के मज़दूर ने स्वीकार किया है कि ये नारा उसी ने लिखा था.

इस व्यक्ति ने बताया कि वो बॉलीवुड फ़िल्मों और गानों का शौक़ीन है और अभिनेता बनना चाहता है. अब उसे सात साल की जेल भुगतनी पड़ सकती है.

क़ानून के जानकारों का कहना है कि हालांकि इस नारे पर कोई प्रतिबंध नहीं हैं, लेकिन पाकिस्तानी दंड संहिता की धारा 505 के तहत इसे विद्रोह भड़काने वाला, सैनिकों की ज़िंदगी ख़तरे में डालने वाला या राज्य के ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने वाला माना जा सकता है.

साजिद शाह नाम के इस व्यक्ति को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

जांच अधिकारी अब्दुल रेहान ने बीबीसी को बताया, "चार भाइयों में वो सबसे बड़े हैं और पिता की मौत के बाद से ही वो अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले व्यक्ति हैं."

स्कूल छोड़ने के बाद शाह ने माचिस फ़ैक्ट्री में नौकरी कर ली थी.

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, किसी ने माखन कॉलोनी में एक घर के बाहर ऐसा नारा लिखे जाने की पुलिस से शिकायत की थी.

इसमें कहा गया है कि, "जब पुलिस ने घर का दरवाज़ा खटखटाया तो एक नौजवान बाहर आया. उसने बताया कि उसी ने ये नारा लिखा है."

पाकिस्तान की जीत का जश्न, देशद्रोह का मुक़दमा, 15 गिरफ़्तार

पाकिस्तान में एक सच्चा मुसलमान ही अच्छा नागरिक क्यों?

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption सांकेतिक फ़ोटो

पहले भी हुए हैं ऐसे मामले

पिछले साल जनवरी में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली जैसे दिखने वाले एक पाकिस्तानी प्रशंसक को इसलिए गिरफ़्तार कर लिया गया था कि उन्होंने कोहली के सम्मान में भारतीय झंडा लहराया था.

उनके ख़िलाफ़ मुकदमा दायर किया गया, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया था.

पिछले दिसम्बर में एक भारतीय प्रशंसक को इसलिए पीटा गया और फिर गिरफ़्तार कर लिया गया क्योंकि उन्होंने पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफ़रीदी के नाम वाली टी शर्ट पहन रखी थी.

इसी साल जून में भारत में भी ऐसा ही वाकया हो चुका है. मध्यप्रदेश में 15 मुसलमान युवकों को चैंपियंस ट्रॉफ़ी के दौरान भारत विरोध और पाकिस्तान के समर्थन में कथित नारे लगाने के लिए गिरफ़्तार कर लिया गया था. बाद में इन पर लगे आरोपों को हटा लिया गया.

हालांकि इन पर सामाजिक शांति भंग करने के आरोप लगाए गए थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे