हैकर्स ने कैसे चुराए 500 करोड़ के बिटक्वाइन?

  • 9 दिसंबर 2017
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"ये बेहद पेशेवर हमला था, हैकर्स ने बहुत प्रभावशाली इंजीनियरिंग तरीकों का इस्तेमाल किया, वो हमें पूरी तरह बर्बाद कर देना चाहते थे."

ये कहना था मार्को कोबाल का जो बिटक्वाइन का प्रबंधन करने वाली स्लोवेनिया की कंपनी नाइसहैश के डायरेक्टर हैं.

कोबाल का कहना है कि बिटक्वाइन पर पड़ी इस डकैती से वो और उनके साथी हैरान हैं. 4700 से अधिक बिटक्वाइन चुराने के पीछे कौन हैकर्स शामिल थे, इसका पता अभी नहीं चल सका है, लेकिन बिटक्वाइन की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

हैकर्स ने बुधवार को लगभग 8 करोड़ डॉलर यानी 500 करोड़ रुपये के बिटक्वाइन पर हाथ साफ कर दिया था.

अब तक ये दावा किया जा रहा था कि 2009 में लॉन्च हुई इस वर्चुअल करेंसी में सेंध लगा पाना लगभग नामुमकिन है.

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जिस वक्त बिटक्वाइन में हैकर्स सेंध लगा रहे थे, बिटक्वाइन में ख़रीदारी चल रही थी, लेकिन ये 15000 डॉलर के आंकड़े को नहीं छू सका था. कोबाल ने कहा कि हैकर्स ने कुछ घंटों तक कंपनी के कंप्यूटर सिस्टम पर नियंत्रण हासिल कर लिया था. उनका मानना है कि ये हैकर्स यूरोप से बाहर के हैं.

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बिटक्वाइन के निवेशकों में इस चोरी से अफरातफरी न मचे, इसके लिए कोबाल ने फ़ेसबुक लाइव के जरिए निवेशकों को संबोधित भी किया. उन्होंने हैकर्स को चेतावनी दी, "हम तुममें से किसी को नहीं छोड़ेंगे."

उन्होंने कहा कि स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय फॉरेंसिक विशेषज्ञों को जाँच में लगाया गया है. हालाँकि फ़ेसबुक लाइव के दौरान निवेशकों का गुस्सा भी उन पर जमकर फूटा और सिक्योरिटी में लगी इस सेंध के लिए कंपनी को भला-बुरा सुनना पड़ा.

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बिटक्वाइन है क्या?

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बिटक्वाइन एक वर्चुअल मुद्रा है जिस पर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं हैं. इस मुद्रा को किसी बैंक ने जारी नहीं किया है. चूंकि ये किसी देश की मुद्रा नहीं है इसलिए इस पर कोई टैक्स नहीं लगता है. बिटक्वाइन पूरी तरह गुप्त करेंसी है और इसे सरकार से छुपाकर रखा जा सकता है.

साथ ही इसे दुनिया में कहीं भी सीधा ख़रीदा या बेचा जा सकता है.

शुरुआत में कंप्यूटर पर बेहद जटिल कार्यों के बदले ये क्रिप्टो करेंसी कमाई जाती थी.

ये कैसे काम करती है?

प्रत्येक बिटक्वाइन कंप्यूटर में एक फ़ाइल होती है जिसे स्मार्टफ़ोन या कंप्यूटर के डिज़िटल वॉलेट में रखा जाता है. प्रत्येक लेन-देन को आम सूची में दर्ज किया जाता है और इसे ब्लॉकचेन कहा जाता है. चूंकि ये करेंसी सिर्फ़ कोड में होती है इसलिए न इसे ज़ब्त किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है.

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ये कैसे मिलती है?

बिटक्वाइन हासिल करने के तीन मुख्य तरीके हैं. इन्हें असली पैसों से ख़रीदा जाए, दूसरा, ऐसे उत्पादों और सेवाओं के बदले जिनका भुगतान बिटक्वाइन में होता है और तीसरे, नई कंपनियों के माध्यम से इन्हें ख़रीदा जाए, जिनकी अपनी वर्चुअल मुद्रा है.

मूल्यांकन कैसे?

बिटक्वाइन मूल्यवान हैं, क्योंकि लोग उन्हें असली सामान और सेवाओं के बदले ख़रीदने के इच्छुक हैं. यहाँ तक कि नकद पैसा देकर भी लोग बिटक्वाइन ख़रीदने में हिचकते नहीं हैं.

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