न्यूयॉर्क हमलावर का पोस्ट: 'ट्रंप आप देश की हिफाजत में नाकाम रहे'

  • 13 दिसंबर 2017
अकायद इमेज कॉपीरइट CBS

अमरीका के न्यूयॉर्क में सोमवार को बस टर्मिनल में हुए बम धमाके के ठीक पहले हमलावर अक़ायद उल्लाह ने फ़ेसबुक पर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को चेतावनी दी थी.

इस पोस्ट में लिखा था, "ट्रंप आप अपने देश की हिफाजत में नाकाम रहे हो." अभियोजकों ने अकायद उल्लाह के ख़िलाफ लगाए अभियोगों में इस पोस्ट की जानकारी दी है.

अभियोजकों का कहना है कि 27 साल के बांग्लादेशी आप्रवासी अकायद ने इस्लामिक स्टेट समूह के समर्थन में बम धमाका किया था.

सोमवार को हुए बम धमाके में हमलावर के अलावा तीन अन्य लोग घायल हो गए थे.

न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट ने ट्विटर पर जानकारी दी है कि अकायद उल्लाह के ख़िलाफ हथियार रखने, चरमपंथ की कार्रवाई का समर्थन करने और 'आतंकी धमकी' देने के आरोप लगाए गए हैं.

इनके अलावा, विदेशी चरमपंथी संगठन को मदद मुहैया कराने, व्यापक विनाश का हथियार इस्तेमाल करने और सार्वजनिक जगह पर धमाका करने के आरोप लगाए गए हैं.

उन पर लगाए गए आरोपों की जानकारी मंगलवार को दी गई.

न्यूयॉर्क में चरमपंथी हमले की कोशिश, एक बांग्लादेशी को पकड़ा

इमेज कॉपीरइट EPA/JUSTIN LANE

घर पर बनाया बम

अभियोजकों के मुताबिक अकायद उल्लाह ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्होंने क्रिसमस के मौके पर जलाए जाने वाली लाइटों के तारों का इस्तेमाल करते हुए घर पर ही बम बनाया. उन्होंने इसे अपने जिस्म पर लगाया हुआ था.

अभियोजकों की ओर से दर्ज़ कराई गई शिकायत के मुताबिक अकायद उल्लाह ने माना कि वो 'ये इस्लामिक स्टेट के लिए कर रहे थे' और उन्होंने ये काम इस्लामिक स्टेट पर अमरीकी हवाई हमलों की वजह से किया.

न्यूयॉर्क स्थित उनके घर की तलाशी ली जा रही है. पुलिस का मानना है कि अकायद उल्लाह ने अकेले ही हमले को अंजाम दिया.

वो साल 2011 में फैमिली वीज़ा पर बांग्लादेश से अमरीका आए थे.

सुप्रीम कोर्ट ने किया ट्रंप के यात्रा प्रतिबंध का समर्थन

इमेज कॉपीरइट EPA

पत्नी से पूछताछ

बांग्लादेश की सरकार का कहना है कि उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. वो आखिरी बार इस साल सितंबर में बांग्लादेश गए थे और करीब छह हफ्ते रुके थे. अकायद की पत्नी उनके साथ अमरीका नहीं गई थीं.

अकायद उल्लाह का रुझान कट्टरपंथ की ओर कैसे हुआ ये जानने के लिए उनकी पत्नी और बाकी रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार के हमले को लेकर कहा, " ये अमरीकी लोगों को सुरक्षित करने के लिए विधायी सुधार की जरुरत को जाहिर करता है. "

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "अमरीका को अपनी शिथिल आप्रवासी प्रणाली को दुरुस्त करना होगा जिसकी वजह से कई खतरनाक लोग हमारे देश में दाखिल हो जाते हैं"

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे