मिस्र में पेन किलर रखने पर तीन साल की सज़ा

  • 27 दिसंबर 2017
लॉरा प्लमर इमेज कॉपीरइट RACHEL PLUMMER

मिस्र में एक ब्रिटिश महिला को पेन किलर टैबलेट रखने के लिए तीन साल की सज़ा सुनाई गई है.

उनपर दवाईयों की तस्करी का आरोप लगाया गया था.

33 साल की लॉरा प्लमर के पास से 300 पेनकिलर टैबलेट पाया गया था. नौ अक्तूबर को लॉरा के सूटकेस में ट्रेमाडॉल टैबलेट पाई गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया.

प्लमर ने दावा किया है कि उनकी ये दवाईयां ब्रिटेन में वैध है लेकिन मिस्र में इनपर प्रतिबंध है, इस बात की उन्हें जानकारी नहीं थी.

इस परिवार को दर्द महसूस ही नहीं होता

उनके परिवार का कहना है कि उनके वकील ने अपील दायर कर दी है.

अदालत में सुनवाई के समय प्लमर की मां रोबर्ट सिनक्लेर वहीं मौजूद थी. उन्होंने बीबीसी को बताया, "आज के फ़ैसले से मैं सदमे में हूं."

इमेज कॉपीरइट facebook
Image caption दोस्त के साथ लॉरा प्लमर

परिजनों का कहना है कि प्लमर ने दवाईयों को छिपाने की कोशिश भी नहीं की, जिसे उनके एक दोस्त ने दी थी. जब उन्हें अधिकारियों ने पकड़ा तो प्लमर को लगा कि ये किसी क़िस्म का मज़ाक है.

प्लमर अपने साथी उमर काबू के साथ हूरगादा के रेड सी रिज़ॉर्ट में छुट्टियां बिताने गई थीं. वहीं से प्लमर को पुलिस ने हिरासत में लिया.

डायबिटीज़ के बारे में ये बातें आपको मालूम हैं

सजा की खबर पर ब्रिटिश सांसद कार्ल टर्नर ने दुख व्यक्त किया है.

उन्होंने कहा, "इस फ़ैसले के बाद लॉरा का जीवन बर्बाद हो जाएगा. यह सही नही है. यह फ़ैसला वाकई में चिंतित करने वाला है."

टर्नर ने कहा कि हमें दूसरे देश के क़ानूनों का सम्मान करना चाहिए. यह ग़लत था लेकिन प्लमर एक ईमानदार और मेहनती लड़की है.

विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा, "लॉरा और उनके परिवार की पूरी मदद की जाएगी. हमारा दूतावास मिस्र के अधिकारियों के साथ नियमित रूप से संपर्क में बना हुआ है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे