'कई साल से डबल गेम खेल रहा है पाकिस्तान'

  • 3 जनवरी 2018
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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ट्वीट के बाद संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत निकी हेली ने पुष्टि कर दी है कि अमरीका पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद पर लगाम लगाएगा.

न्यूयॉर्क में निकी हेली ने कहा कि पाकिस्तान लगातार चरमपंथियों को अपने क्षेत्र में शरण देता रहता है और अमरीका के साथ 'डबल गेम' खेलता है.

पाकिस्तान को इससे 1621 करोड़ रुपये का झटका लगेगा.

'चरमपंथियों का साथ देता है पाकिस्तान'

निकी हेली ने कहा, ''अमरीकी प्रशासन पाकिस्तान को होने वाली 255 मिलियन डॉलर (1621 करोड़ रुपये) की आर्थिक मदद रोकने जा रहा है. इस रोक के अपने पुख्ता कारण हैं, पाकिस्तान पिछले कई सालों से डबल गेम खेल रहा है.''

''वह कभी हमारे साथ काम करता है तो उसी वक्त वह उन चरमपंथियों की मदद भी करता है जो अफ़ग़ानिस्तान में हमारे सैनिकों पर हमला करते हैं. अमरीकी प्रशासन इस तरह की नीति का समर्थन नहीं करता.''

''चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में हम पाकिस्तान से और अधिक सहयोग की आशा करते हैं. अगर पाकिस्तान इसी तरह चरमपंथियों का समर्थन करता रहा तो राष्ट्रपति ट्रंप पाकिस्तान को होने वाली अन्य फंडिंग पर भी रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध होंगे.''

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'ट्रंप में समझ की कमी'

वहीं दूसरी तरफ़ पाकिस्तान ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के आरोपों पर निराशा जताई है और इसे दोनों देशों के बीच कायम विश्वास और भरोसे में कमी के तौर पर बताया है.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद ख़क़ान अब्बासी की अगुवाई में मंगलवार को हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक के बाद पाकिस्तान की तरफ़ से यह प्रतिक्रिया आई. इस बैठक में पाकिस्तान सरकार के वरिष्ठ मंत्री और सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा मौजूद थे.

वहीं पाकिस्तानी संसद में विपक्ष के नेता इमरान खान ने इस्लामाबाद में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप के आरोपों की आलोचना की.

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Image caption पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद ख़क़ान अब्बासी

उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान ने अमरीकी युद्ध में अपना बलिदान दिया है. इस युद्ध में हमारे कई आदिवासी इलाके तबाह हो गए और इतना सब होने के बाद भी हमें अपमानित किया जा रहा है. अमरीकी राष्ट्रपति में समझ की कमी है, वे हमारे दुश्मनों के एजेंडे के अनुसार चल रहे हैं, और हमें बेइज़्जत कर रहे हैं.''

इमरान ने कहा कि ट्रंप को कोई अंदाज़ा ही नहीं है कि अफ़ग़ानिस्तान में हुए युद्ध की वजह से पाकिस्तान को कितने बुरे हालात का सामना करना पड़ा.

उन्होंने कहा, ''ट्रंप को इस बारे कोई जानकारी नहीं है कि अफ़ग़ानिस्तान में हुए युद्ध की वजह से पाकिस्तान में कितनी ज़्यादा तबाही हुई. लगता है कि उन्हें इस बारे में पिछली जानकारी नहीं है. साथ ही ऐसा भी लगता है कि ट्रंप को वे लोग ये बातें समझा रहे हैं जो पाकिस्तान के दुश्मन हैं.''

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Image caption इमरान खान

नए साल पर ट्रंप का वार

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने नए साल के पहले ट्वीट में पाकिस्तान पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. ट्रंप ने बीते डेढ़ दशक के दौरान पाकिस्तान को दी गई मदद को 'मूर्खतापूर्ण फ़ैसला' बताया था.

ट्रंप ने अपने ट्वीट में लिखा था, ''अमरीका ने पिछले 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर से ज़्यादा की मदद दी और उसने बदले में झूठ और छल के सिवाय कुछ नहीं दिया. वह सोचता है कि अमरीकी नेता मूर्ख हैं. हम अफ़ग़ानिस्तान में जिन आतंकवादियों को तलाश रहे हैं, उन्होंने उन्हें पनाह दी. अब और नहीं."

पाकिस्तान ने ट्रंप के बयान पर 'निराशा' ज़ाहिर करते हुए कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में 'सामूहिक नाकामी' के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

पाकिस्तान ने ये भी कहा कि तमाम 'गैरज़रूरी आरोपों' के बाद भी पाकिस्तान अफ़गानिस्तान में जारी शांति प्रक्रिया में 'रचनात्मक भूमिका' निभाता रहेगा.

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