चीन को चाहिए ब्रिटिश सूअर के शुक्राणु

  • 1 फरवरी 2018
सूअर

चीन अपने सुअरों की संख्या बढ़ाने के लिए ब्रिटेन से बड़ी तादाद में सूअर के शुक्राणु खरीद रहा है.

ब्रिटेन को हाल ही में सूअर के शुक्राणु को लेकर एक बड़ा ऑर्डर मिला है.

इसके लिए चीन ने ब्रिटेन के साथ 2 लाख पाउंड का करार किया है.

ब्रेग्जिट के बाद यह ब्रिटेन और चीन के बीच हुआ करार है.

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चीन में सूअर का बड़ा बाज़ार

उत्तर आयरलैंड से सूअर के जमे हुए (प्रशीतन में) शुक्राणु 5,000 मील की उड़ान कर चीन भेजे जाएंगे.

स्पीयरहेड चीन लिमिटेड के अध्यक्ष विलियम आर्थर स्पीयर्स ने कहा, "ब्रेग्जिट ब्रिटेन के लिए एक शानदार चीज़ है. इसके साथ ही यह चीन के लिए भी अच्छा अवसर है. चीन में सूअर का बहुत बड़ा बाज़ार है."

वो कहते हैं, "दुर्भाग्य से चीन के लोग बहुत जल्दी पैसा बनाना चाहते हैं. जबकि ब्रिटिश किसान इसकी गुणवत्ता और अधिक से अधिक सूअर के बच्चे पैदा करने पर ध्यान दे रहे हैं."

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Image caption नाइट्रोजन कैन

नाइट्रोजन कैन में जमाए जाते हैं शुक्राणु

ब्रिटेन में प्रोफेशनल तरीके से बड़ी संख्या में सूअर ब्रिडिंग का इतिहास रहा है.

उनके लिए उच्च प्रजनन तकनीक विकसित करना आसान है.

सूअर के शुक्राणु को लिक्विड नाइट्रोजन कैन में जमाया जाता है.

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इन सूअरों को 10 फ़ीसदी कम आहार चाहिए

जुशिजी पिग ब्रिडिंग के सीईओ लू गुआंहुआ कहते हैं, "चीन में इंसानों की आबादी बहुत ज़्यादा है. यहां बहुत बड़ी संख्या में सूअर फ़ार्म भी हैं. लेकिन इसमें बड़ी संख्या में सूअरों को इकट्ठा करना मुश्किल है क्योंकि इससे इन जानवरों में बीमारी फैलने का डर होता है."

वो कहते हैं, "उत्तरी आयरलैंड के सूअरों की नस्ल ज़्यादा अच्छी होती है. इसलिए हम इससे ज़्यादा मुनाफा कमाते हैं. इस नस्ल के सूअरों को अन्य सूअरों की तुलना में 10 फ़ीसदी कम आहार की ज़रूरत होती है. इससे हमारे सूअरों के भी अधिक बच्चे होंगे."

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Image caption ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे

चीन में सरकारी नियमों के कारण बाज़ार में घुसना बहुत मुश्किल है लेकिन ब्रेग्जिट की वजह से कुछ कंपनियों को नए अवसरों की उम्मीद है.

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने बुधवार से चीन का अपना दौरा शुरू किया है. इस दौरे पर उनके एजेंडे में ब्रेग्जिट के बाद चीन के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाने पर अधिक जोर है.

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