एफ़बीआई पर आरोप, ट्रंप के ख़िलाफ़ किया ताकत का दुरुपयोग

  • 3 फरवरी 2018
डोनल्ड ट्रंप इमेज कॉपीरइट ANDREW CABALLERO-REYNOLDS/AFP/Getty Images

अमरीकी कांग्रेस ने एक विवादित ज्ञापन को सार्वजनिक कर दिया है जिसमें अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग एफ़बीआई पर अपनी ताकत का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया गया है.

ये मामला 2016 में हुए अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में रूस के कथित दख़ल के संबंध में मौजूदा अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की जांच से जुड़ा है.

इस ज्ञापन को रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने तैयार किया है और इसमें कथित तौर पर 2016 में ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान ख़ुफ़िया निगरानी से संबंधित जानकारी शामिल होने की बात कही गई है.

ट्रंप का दावा 'ग़लत', ओबामा और बुश को ज़्यादा लोगों ने सुना

इमेज कॉपीरइट AFP PHOTO / Eric BARADATERIC

डेमोक्रेटिक पार्टी इस ज्ञापन के सार्वजनिक किए जाने के सख़्त ख़िलाफ़ है. पार्टी का कहना है कि खुफ़िया जानकारी पर आधारित इस ज्ञापन को सार्वजनिक कर ट्रंप के ख़िलाफ़ चल रही जांच को भटकाने की कोशिश की जा रही है.

डेमोक्रेट्स के विरोध के बीच सदन के स्पीकर रिपब्लिकन पार्टी के पॉल रायन के कहा है कि स्पेशल काऊंसलर रॉबर्ट मूलर के नेतृत्व में हो रही जांच पर इस ज्ञापन के सार्वजनिक किए जाने का कोई असर नहीं पड़ेगा.

उनका कहना है कि कांग्रेस का कर्तव्य है वो इस बात सुनिश्चत करें कि किसी अमरीकी नागरिक पर निगरानी करने संबंधी ताकतों का दुरूपयोग ना किया जाए.

एफ़बीआई का कहना है इसमें कई तथ्यात्मक जानकारियों के बारे में नहीं बताया गया है जो इसकी सटीकता प्रभावित करते हैं.

यातना सेंटर ग्वांतानामो बे फिर से खोलेंगे ट्रंप

अमरीका ने जारी की 210 नामों की 'पुतिन लिस्ट'

रिपब्लिकन कांग्रेस कर्मचारियों द्वारा लिखे गए विवादित ज्ञापन पर पिछले कुछ दिनों से विवाद जारी है. एफ़बीआई समेत न्याय विभाग, विपक्षी डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने इसके सार्वजनिक करने को लेकर विरोध जताया था.

हालांकि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने आला अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि वो एफ़बीआई और न्याय विभाग के द्वारा की जा रही जांच का राजनीतिकरण कर रहे हैं और इसके ज़रिए रिपब्लिकन पार्टी की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट Twitter @Donald Trump
Image caption ट्रंप ने लिखा, एफबीआई और न्याय विभाग के आला अधिकारी और जांचकर्ता ने डेमोक्रेट्स के पक्ष में और रिपब्लिकन के ख़िलाफ़ वैध तरीके से की जाने वाली जांच का प्रक्रिया का राजनीतिकण किया. कुछ समय पहले तक ऐसा सोच पाना असंभव था.

शुक्रवार को डोनल्ड ट्रंप ने इस विवादित ज्ञापन को सार्वजनिक करने की अनुमति दी और इसे "शर्मनाक़" कहा.

दस्तावेज़ में दी गई जानकारी के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि "कई लोगों को खुद पर शर्म आनी चाहिए."

रूस का वो जहाज़ जिसने अमरीका की नींद उड़ाई

ये गुप्त दस्तावेज़ आखिर है क्या?

इमेज कॉपीरइट Mark Wilson/Getty Images

सोमवार को हाउस ऑफ़ इंटेंलिजेंस कमिटी ने इस ज्ञापन को मंज़ूर किया था, बाद में शुक्रवार को ट्रंप ने इसको सार्वजनिक करने की इजाज़त दी.

रिपब्लिकन पार्टी के तैयार किए गए इस ज्ञापन में न्याय विभाग और एफ़बीआई की तरफ से ट्रंप के निकट सहयोगी कार्टर पेज के खिलाफ़ निगरानी करने के लिए वारंट की मांग की "वैधता" पर सवाल खड़े किए गए हैं.

इसमें "अमरीकी नागरिकों को बचाने के लिए बनाई गई कानूनी प्रक्रियाओं का दुरूपयोग किए जाने का ब्योरा है, जो चिंतित करने वाला है."

इमेज कॉपीरइट REUTERS/Mario Anzuoni

इस ज्ञापन में कहा गया है कि एफ़बीआई और न्याय विभाग ने जज को यह नहीं बताया कि वॉरंट के अनुरोध के लिए दी गई दलील एक विवादित दस्तावेज़ (ट्रंप डोसियर) पर आधारित था.

इस विवादित दस्तावेज़ का संकलन पूर्व ब्रितानी ख़ुफ़िया एजेंट क्रिस्टोफर स्टील ने किया था और इसके लिए ज़रूरी धन का कुछ हिस्सा राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रही डेमोक्रेटिक नेता हिलेरी क्लिंटन के अभियान के माध्यम से आया था. इसका उद्देश्य ट्रंप के चुनावी अभियान और रूस के बीच कथित संबंधों के बारे में आंकड़ों की पड़ताल करना था.

विवाद में शामिल महत्वपूर्ण लोग कौन हैं?

इमेज कॉपीरइट REUTERS/Sergei Karpukhin/File Photo

कार्टर पेज - 46 वर्षीय कार्टर पेज को एफ़बीआई ने इलेक्ट्रोनिक सर्वीलांस पर रखा गया था. ट्रंप के चुनाव प्रचार में वो विदेश नीति सलाहकार की भूमिका में थे और उन्होंने 2016 में कई बार रूस का दौरा किया.

ट्रंप से संबंधित विवादित डोसियर में उन्होंने दृढ़ता से इन आरोपों से इनक़ार किया है कि उन्होंने रूसी अधिकारियों और ट्रंप के प्रचार के लिए मध्यस्थता की थी.

इमेज कॉपीरइट BRENDAN SMIALOWSKI/AFP/Getty Images

डेविन न्यूनेस - 44 साल के डेविन हाऊस इंटेलिजेंस पैनल के अध्यक्ष हैं. डेविन पर इस ज्ञापन को बनाने का ज़िम्मा था जिसे अब सार्वजनिक कर दिया गया है.

वो काफ़ी समय से राष्ट्रपति ट्रंप के दावे की जांच कर रहे थे कि ओबामा प्रशासन उनकी निगरानी करवा रहा था.

इमेज कॉपीरइट REUTERS/Aaron P. Bernstein

रॉड रॉज़ेन्सटाइन - 53 वर्षीय के रोड रॉज़ेन्सटाइन को पिछले साल अप्रैल में डिप्टी अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया था.

वो किसी नागरिक पर निगरानी करने के लिए आवेदनों की अनुमति के विभिन्न चरणों में शामिल थे.

सीएनएन ने रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर में राष्ट्रपति ट्रंप ने उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े किए थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे