अमरीका की परमाणु नीति पर चीन भड़का, कहा- 'शीत युद्ध की सोच से बाहर निकलें'

  • 4 फरवरी 2018
इमेज कॉपीरइट Reuters

चीन ने अमरीका की उसकी परमाणु नीति के लिए कड़े शब्दों में आलोचना की है.

चीन ने कहा है कि अमरीका को परमाणु नीति पर अपनी 'शीत युद्ध की मानसिकता' से बाहर आने की ज़रूरत है.

चीन की ये टिप्पणी अमरीका के उस बयान के बाद आई है जिसमें परमाणु क्षमता बढ़ाने की बात कही गई थी.

रविवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा, ''जिस देश के पास दुनिया के सबसे ज़्यादा परमाणु हथियार हैं, उसे आगे आकर इस विचारधारा (सीमित न्यूक्लियर प्रोग्राम) का पालन करना चाहिए न कि इसके विपरीत जाना चाहिए.''

इमेज कॉपीरइट Getty Images

दरअसल, अमरीकी सेना को लगता है कि उनके पास जो परमाणु हथियार हैं वो इस्तेमाल के लिहाज़ से काफ़ी बड़े हैं और इसी कारण वो छोटे बम व हथियार विकसित करना चाहते हैं.

चीन से पहले रूस भी अमरीका की इस योजना की आलोचना कर चुका है.

अमरीका की नीति है क्या?

अमरीका अपने परमाणु हथियारों को लेकर काफ़ी चिंतित है. उसे लगता है कि उसके परमाणु हथियार अब उतने प्रभावी नहीं रह गए हैं. साथ ही वह चीन, रूस, उत्तर कोरिया और ईरान को अपने लिए संभावित ख़तरों के तौर पर देखता है.

क्या डोनल्ड ट्रंप के पास वाक़ई 'परमाणु बटन' है?

अमरीकी रक्षा मंत्रालय की 'न्यूक्लियर पोश्चर रिव्यू रिपोर्ट' के मुताबिक, छोटे परमाणु हथियार ईजाद करके इस चुनौती से पार पाया जा सकता है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

छोटे परमाणु हथियार करीब 20 किलो टन से कम क्षमता वाले होते हैं. हालांकि ये तुलनात्मक रूप से कम शक्तिशाली होते हैं लेकिन इनसे भी काफी विनाश हो सकता है.

इस नीति के तहत कुछ और भी प्रस्ताव रखे गए हैं...

- ज़मीन से मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें, पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली मिसाइलें और ऐसे हथियारों का आधुनिकीकरण जिनका हवा में ही आदान-प्रदान हो सके.

- पनडुब्बी से लॉन्च होने वाले परमाणु हथियारों को सुधार करके छोटे आकार का बनाना.

- समुद्र आधारित न्यूक्लियर क्रूज़ मिसाइलों की वापसी.

क्या कहना है चीन का?

एक ओर जहां अमरीका, चीन और दूसरे देशों से ख़ुद को ख़तरा बताकर हल्के परमाणु हथियारों को बनाने की बात कह रहा है वहीं चीन का कहना है कि ये सरासर परमाणु अप्रसार नीति की अवहेलना है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा ''हमें उम्मीद है कि अमरीका अपनी शीत युद्ध की मानसिकता को ख़त्म करेगा. ईमानदारी से अपनी ज़िम्मेदारियों को समझेगा. साथ ही चीन के रणनीतिक इरादों को सही तरीक़े से समझेगा.''

रूस का पक्ष

रूस के विदेश मंत्रालय ने भी अमरीका पर तीखे आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि अमरीका का यह प्रयास विवादों को भड़काने वाला है और रूस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम किसी चीज़ से समझौता नहीं करेंगे.

परमाणु हथियार ले जा सकती है मिसाइल: उत्तर कोरिया

रूसी विदेश मंत्री सरगेई लावरोव का कहना है कि इस प्रस्ताव से 'भारी हताशा' हुई है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे