बढ़ रहा है फ़र्ज़ी पॉर्न बनाने की इस ख़तरनाक तकनीक का इस्तेमाल

  • 5 फरवरी 2018
डीपफेक, फेक न्यूज
Image caption नताली पोर्टमैन की ये फ़र्ज़ी तस्वीर उनकी कई तस्वीरों के इस्तेमाल से कंप्यूटर पर बनाई गई है.

हाल के हफ़्तों में 'डीपफ़ेक्स' के बहुत मामले सामने आए हैं जिसमें किसी अभिनेत्री का चेहरा किसी और के शरीर पर लगाकर पॉर्न वीडियो बनाए जा रहे हैं.

इस तरह के वीडियो बनाना अब और आसान हो गया है. लोगों की सेक्शुअल फ़ंतासियों को इंटरनेट के ज़रिए पूरा करने के लिए इस तरह के वीडियो बनाए जा रहे हैं.

इस तकनीक के इस्तेमाल के गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं. आज हम फ़ेक न्यूज के जिस संकट को देख रहे हैं वो अभी शुरुआती दौर में है.

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के चेहरे को लेकर कई वीडियो बनाए गए हैं. ये वीडियो स्पूफ़ हैं, लेकिन किसी ख़ास मकसद के प्रचार में इनके इस्तेमाल से हो सकने वाले प्रभाव की कल्पना की जा सकती है.

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Image caption एक वीडियो में डीपफेक टेक्नॉलॉजी से डोनल्ड ट्रंप को फ़िल्मों के खलनायक 'डॉ. एविल' में तब्दील कर दिया गया.

संस्थाएं और कंपनियां इस बारे में जागरूक और तैयार नहीं हैं. जिन वेबसाइट पर ऐसी सामग्री आ रही है वो नजर रख रही हैं. लेकिन, अधिकतर को नहीं पता कि क्या करना है.

इस तकनीक के साथ अब प्रयोग होने लगे हैं. यहां उत्सुकता है क्योंकि इससे मशहूर चेहरे अचानक सेक्स टेप में दिखने लगे हैं.

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कैसे बनते हैं डीपफ़ेक्स?

इन वीडियोज़ को बनाने में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर के डिज़ायनर बताते हैं कि सॉफ्टवेयर को सार्वजनिक किए जाने के एक महीने के अंदर ही एक लाख से ज्यादा बार इसे डाउनलोड किया जा चुका है.

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Image caption नताली डॉर्मर सहित गेम ऑफ थ्रोन्स की कई अभिनेत्रियों का चेहरा इस तकनीक से पॉर्न वीडियो में ग़लत तरीके से इस्तेमाल किया गया है

सेक्शुअल वीडियो से छेड़छाड़ एक सदी से हो रही है, लेकिन तब इसे बनाना काफी मुश्किल होता था.

अब ये ए​डिटिंग बस तीन स्टेप्स में पूरी जाती है: किसी व्यक्ति की फ़ोटो जुटाना, एक पॉर्न वीडियो चुनना और फिर इंतज़ार करना. बाकी काम आपका कंप्यूटर कर देगा हालांकि यह एक छोटी क्लिप के लिए 40 घंटे तक का समय ले सकता है.

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ज़्यादातर लोकप्रिय डीपफ़ेक्स बड़ी हस्तियों के होते हैं, लेकिन ये किसी के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, बशर्ते उसकी ज़्यादा और साफ तस्वीरें मिल जाएं.

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Image caption वंडर वुमन की अभिनेत्री गेल गैडोट के चेहरे का इस्तेमाल भी डीपफेक वीडियो में हुआ है, जैसा कि इस स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं.

यह भी अब मुश्किल काम नहीं रह गया है क्योंकि लोग सोशल मीडिया पर अपनी बहुत सारी सेल्फी डालते रहते हैं.

ये तकनीक दुनिया भर में लोगों का ध्यान खींच रही है. हाल ही में दक्षिण कोरिया में इंटरनेट पर 'डीपफ़ेक' की सर्च बढ़ गई है.

​सेलेब्रिटीज़ जिनका चेहरा हुआ इस्तेमाल

डीपफ़ेक के लिए कुछ हस्तियों का चेहरा ज़्यादा इस्तेमाल हुआ है. हॉलीवुड अभिनेत्री एमा वॉटसन का डीपफ़ेक में बहुत ज़्यादा इस्तेमाल हुआ है.

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Image caption यह स्क्रीनशॉट भी उस वीडियो का है जिसमें अभिनेत्री एमा वॉटसन का चेहरा डीपफ़ेक तकनीक से किसी और वीडियो में लगाया गया है.

उनके अलावा मिशेल ओबामा, इवांका ट्रंप और केट मिडलटन के भी डीपफ़ेक बनाए गए हैं.

वंडर वुमन का किरदार निभाने वाली गेल गैडोट का डीपफ़ेक इस तकनीक का असर बताने वाले पहले डीपफ़ेक में से एक था.

कुछ वेबसाइट जो इस तरह के कंटेंट को शेयर करने की सुविधा देती हैं, अब इसे लेकर विकल्पों पर विचार रही हैं. एक इमेज होस्टिंग साइट जिफ़कैट ने उन पोस्ट को हटा दिया था जो डीपफ़ेक्स में पाए गए.

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Image caption एक विंडो प्रोग्राम फ़ेकऐप ने वीडियो बनाना आसान बना दिया है

गूगल ने पहले भी इस तरह के कंटेंट की सर्च को मुश्किल बनाने के लिए कुछ कदम उठाए थे. लेकिन अभी यह कहना मुश्किल है कि इस मामले में शुरुआती स्तर पर गूगल ऐसे कोई कदम उठाएगा.

हाल के वर्षों में इन वेबसाइट ने त​थाकथित ''रिवेंज पॉर्न'' की समस्या का सामना किया है. इसमें किसी व्यक्ति को बदनाम करने के लिए बिना अनुमति के उसकी असल तस्वीरें पोस्ट कर दी जाती हैं.

डीपफ़ेक्स ने इन मामलों को और मुश्किल बना दिया है. झूठे वीडियोज़ की मानसिक पीड़ा असल ही होती है.

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