अमरीकी शेयर बाज़ार: ये है डाउ जोंस के लुढ़कने की वजह

  • 6 फरवरी 2018
अमरीका इमेज कॉपीरइट BRYAN R. SMITH/AFP/Getty Images

स्टॉक मार्केट के उफान पर इतराना एक ख़तरनाक खेल है और ज़्यादातर अमरीकी राष्ट्रपति इससे बचते रहे हैं.

बराक ओबामा ने भी अपने कार्यकाल में कभी-कभार ही ऐसा किया था और वो भी तब जब अमरीकी अर्थव्यवस्था 2008 की बर्बादी के बाद ठीक ठाक संभल गई थी.

डोनल्ड ट्रंप ने अपने प्रचार अभियान के दौरान डाउ जोंस को खूब खरी खोटी सुनाई थी लेकिन अब वो इस शेयर बाज़ार की तारीफों के पुल बांधते रहते हैं.

वे अपने ट्वीट्स, रैलियों और यहां तक कि पिछले हफ़्ते के स्टेट ऑफ़ द यूनियन भाषण (राष्ट्रपति का सालाना संबोधन) में भी इसे दोहराते रहे हैं.

ट्रंप अपने भाषणों में टैक्स कटौती से होने वाले फ़ायदों पर इतराते रहे और डाउ जोंस की गिरावट से उनकी छवि धुंधली होती रही.

डाऊ जोंस में साल 2008 के बाद सबसे बड़ी गिरावट

इमेज कॉपीरइट BRYAN R. SMITH/AFP/Getty Images

डाउ जोंस की गिरावट

अमरीका में शेयर कीमतों में आई 1100 से भी ज़्यादा अंकों की गिरावट साल 2008 के वित्तीय संकट के बाद एक दिन में आई सबसे अधिक गिरावट है.

डाऊ जोंस 4.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ सोमवार को 24,345.75 अंकों पर बंद हुआ. एस एंड पी 500 स्टॉक इंडेक्स 3.8 प्रतिशत और नेस्डेक 3.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए हैं.

ये गिरावट पिछले हफ्ते के आख़िर में हुए नुक़सान के बाद आई है. तब सैलरी बढ़ने के संबंध में आए आंकड़ों ने ब्याज दरों के बढ़ने का अंदेशा हुआ था.

अमरीकी शेयर बाज़ारों की इस गिरावट का असर एशियाई बाज़ारों पर भी देखा गया है.

जापान के निकेई सूचकांक में भी शुरुआती कारोबार में ही चार फ़ीसदी से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई.

व्हॉइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा कि स्टॉक मार्केट में वक्त-वक्त पर गिरावट होती रहती है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप का फ़ोकस अर्थव्यवस्था के दीर्घकालीन पहलुओं पर है और वो असाधारण रूप से मजबूत बना हुआ है.

इमेज कॉपीरइट MANDEL NGAN/AFP/Getty Images

ट्रंप का अर्थशास्त्र

राष्ट्रपति का भाषण लाइव दिखा रहे अमरीकी समाचार चैनलों ने उन्हें स्क्रीन से हटाकर स्टॉक मार्केट में आई रिकॉर्ड गिरावट का कवरेज दिखाना शुरू कर दिया.

अमरीकी अर्थव्यवस्था को हाल में मिली कामयाबी के बीच ये सबसे बड़ी गिरावट है जिसे ज़्यादातर अमरीकियों के लिए लंबे समय तक भुलाना मुश्किल होगा.

राष्ट्रपति ट्रंप भले ही अब ये कहेंगे कि देश की अर्थव्यवस्था बुनियादी तौर पर अब भी मजबूत है. लोगों की सैलरी बढ़ी है और बेरोज़गारी घटी है.

अगर विकास की रफ़्तार जारी रहती है तो बहुत मुमकिन है कि इसे ट्रंप एक बार फिर अपनी कामयाबी के तौर पर भुना लेंगे.

चुनावी साल में अगर डाउ जोंस की इस गिरावट को अगर मार्केट करेक्शन की शुरुआत समझा जाएगा तो इसमें कोई शक नहीं कि ट्रंप की कही बातें खुद उन्हें परेशान करने वापस लौट कर आ जाएंगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक औरट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए