ढोंग है उत्तर कोरिया की दोस्ती: पूर्व उत्तर कोरियाई जासूस

  • 6 फरवरी 2018
किम जोंग उन, किम ह्विन-हुई इमेज कॉपीरइट Getty Images/BBC
Image caption उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन और पूर्व उत्तर कोरियाई जासूस किम ह्विन-हुई

दक्षिण कोरिया में हो रहे विंटर ओलंपिक में उत्तर कोरिया की हिस्सेदारी से बहुत लोग हैरान हैं.

यह सवाल उठ रहा है कि 'अड़ियल' कहा जाने वाला उत्तर कोरिया अचानक अपने प्रतिद्वंद्वी पड़ोसी देश से दोस्ती के मूड में क्यों आ गया है.

कुछ लोग इसे दोनों देशों के रिश्ते सुधरने के संबंध में एक ज़रूरी संकेत मान रहे हैं, लेकिन किम ह्विन-हुई इससे सहमत नहीं हैं.

ह्विन-हुई उत्तर कोरिया की जासूस रही हैं. दक्षिण कोरिया में 1988 में हुए ग्रीष्म ओलंपिक से कुछ महीने पहले उन्होंने दक्षिण कोरियाई विमान में बम लगाकर 115 लोगों की जान ले ली थी.

बीबीसी की लॉरा बिकर ने उनसे पूछा कि उत्तर कोरिया के इस नए क़दम के बारे में वह क्या सोचती हैं.

ह्विन हुई ने कहा, "बेशक ये सब ढोंग है. उत्तर कोरिया का अंतिम मक़सद अपना परमाणु कार्यक्रम पूरा करना है. उनके दिमाग में परमाणु हथियारों के सिवा कुछ नहीं है. आप उत्तर कोरिया को संवाद से, मीठे शब्दों से नहीं बदल सकते. मैं मानती हूं कि सिर्फ दबाव की रणनीति ही उत्तर कोरिया पर कारगर हो सकती है."

अब भी सुरक्षा गार्डों के बीच रहती हैं

Image caption किम ह्विन-हुई दक्षिण कोरिया में एक गुप्त स्थान पर रहती हैं

1989 में एक दक्षिण कोरियाई अदालत ने ह्विन-हुई को मौत की सज़ा दी थी, लेकिन राष्ट्रपति रो ते-वू ने उन्हें माफ़ी दे दी थी.

56 साल की ह्विन-हुई वह अब दक्षिण कोरिया में एक गोपनीय जगह पर सुरक्षा गार्डों के घेरे में रहती हैं और उन्हें डर है कि उत्तर कोरियाई सरकार उनकी हत्या करना चाहती है.

वह याद करती हैं, "मुझे बताया गया था कि मैं कोरिया के एकीकरण की फंट्रलाइन सिपाही हूं. मैं दक्षिण कोरिया को एक क्रांतिकारी की तरह आज़ाद कराऊंगी. मैं इसे लेकर गर्व से भरी हुई थी."

उन्हें अपने किए का पछतावा है.

वह कहती हैं, "लेकिन बाद में मैंने महसूस किया कि यह सिर्फ हत्या करना था. वो एक छोटा जापानी रेडियो था, जिसमें मैंने बम का डेटोनेटर लगाया था. उसके बगल में ही एक प्लास्टिक बैग में लिक्विड बम था, जो मैंने विमान की शेल्फ में रख दिया था. "

राष्ट्रपति से मिली माफ़ी

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Image caption विंटर ओलंपिक की आधिकारिक शुरुआत से पहले उत्तर और दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों ने एक टीम में, एक झंडे तले आइस हॉकी के अभ्यास मैच में हिस्सा लिया.

इस हमले को ह्विन-हुई ने अपने एक पुरुष साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया था. जब दोनों को पकड़ा गया तो उन्होंने सायनाइड लगी हुई सिगरेट मुंह से काट ली. उनके साथी की मौत हो गई, लेकिन ह्विन-हुई बच गईं.

इसके बाद उन्हें मीडिया के सामने पेश किया गया, जहां उन्होंने टीवी कैमरों के सामने अपना गुनाह क़बूल किया था.

वह बताती हैं, "उत्तर कोरिया में हम ये सोचा करते थे कि दक्षिण कोरिया अमरीका की एक ग़रीब और भ्रष्ट कॉलोनी है, ग़रीब और भ्रष्ट है. हमें बताया जाता था कि वे हमारे दुश्मन हैं और हम उनके साथ एक आसमान के नीचे नहीं रह सकते. "

'बच्चे शायद जानते हैं'

ह्विन-हुई ने बाद में दक्षिण कोरिया के एक इंटेलीजेंस अधिकारी से शादी कर ली. उनके दो बच्चे भी हैं.

क्या उनके बच्चे उनका इतिहास जानते हैं, पूछने पर वह कहती हैं, "मेरे बच्चे अभी इतने बड़े नहीं हैं कि वो ये कहानी जानें. मैंने भी उन्हें ये सब बताने की कोशिश नहीं की. लेकिन आज कल इंटरनेट पर सब उपलब्ध है. मीडिया में मेरे इंटरव्यूज़ हैं. मुझे लगता है कि वे ज़रूर इस बारे में जानते होंगे. "

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